ओपन एक्सेस पब्लिशिंग पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई:आईआईटी दिल्ली के डॉ.नीरज कुमार चौरसिया ने शोध मापन, प्रभाव, दृश्यता, अकादमिक प्रकाशन, मुक्त शोध प्रकाशन और ओपन डेटा पर व्याख्यान दिया

राजस्थान विश्वविद्यालय पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, लाइफ लॉन्ग लर्निंग विभाग और सामाजिक विज्ञान अनुसंधान केंद्र ने केंद्रीय पुस्तकालय आईआईटी दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में ‘ओपन एक्सेस पब्लिशिंग’ पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर अल्पना कटेजा द्वारा की गई। कार्यशाला में वैश्विक शोध मान्यता के लिए ओपन एक्सेस पब्लिशिंग के महत्व पर जोर दिया गया। प्रोफेसर कटेजा ने इस क्षेत्र में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान पेशेवरों की भूमिका पर प्रकाश डाला और शोध छात्रों के लिए इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया। आईआईटी दिल्ली के डॉ. नीरज कुमार चौरसिया ने शोध मापन, प्रभाव, दृश्यता, अकादमिक प्रकाशन, मुक्त शोध प्रकाशन और ओपन डेटा पर व्याख्यान दिए। पी आई ORCID प्रोजेक्ट डॉ. मोहित गर्ग ने ORCID और क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंसिंग पर सत्र आयोजित किए, जिसमें व्यावहारिक अभ्यास सत्र भी शामिल थे।पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राम सिंह चौहान ने गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य और वैश्विक मान्यता सुनिश्चित करने के लिए मानविकी में शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के महत्व पर बल दिया। दूसरे दिन, केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब से डॉ. रूपेंद्र सिंह रिसोर्स पर्सन्स के साथ शामिल हुए। उन्होंने ORCID ID बनाने और ओपन जर्नल सिस्टम (OJS) का उपयोग करने पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से पुरस्कार भी दिए गए। कार्यशाला के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के निदेशक प्रोफेसर जयंत सिंह उपस्थित थे, जिसमें उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों की प्रासंगिकता पर जोर दिया। मुख्य उपस्थित लोगों में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर राम सिंह चौहान, सामाजिक विज्ञान अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. अनिल अनिकेत, लाइफलॉन्ग लर्निंग विभाग के निदेशक डॉ. जय सिंह, डॉ. अनूप कुमावत, डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. महेंद्र सिंह राव, डॉ. विजेंद्र कुमार, डॉ. विष्णु कुमार गुप्ता और अन्य शामिल थे। डॉ. संजू चौधरी, डॉ. रीना आनंद और डॉ. पूनम चौधरी ने प्रतिभागियों के रूप में ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की। कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. संतोष गुप्ता, सहायक प्रोफेसर, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग ने कार्यशाला की रूपरेखा को क्रियान्वित करने के लिए डॉ. नबी हसन, लाइब्रेरियन, सेंट्रल लाइब्रेरी आईआईटी दिल्ली और डॉ. मोहित गर्ग, PI-ORCID, आईआईटी दिल्ली के साथ समन्वय किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में लगभग 80 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और आधुनिक शोध कार्य और प्रकाशन के बारे में जानकारी प्राप्त की। समापन सत्र का संचालन डॉ. विजेंद्र कुमार ने किया और अंत में डॉ. अनिल अनिकेत ने इस कार्यशाला में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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