कैलीग्राफी के क्षेत्र में टोंक का नाम हमेशा से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रहा है। जिसको वर्तमान में भी कई कलाकारों ने बरक़रार रखा हैं। हाल ही में औरंगाबाद में राष्ट्रीय स्तरीय कैलीग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गई।
इसमें टोंक में संचालित मरकज-तालीमुल-ख़ुतूत के उस्ताद जफर रजा ख़ान और संस्थान की छात्रा शाहजहां ने हाल ही में औरंगाबाद में आयोजित हुई सैकंड ऑल इंडिया कुरानिक कैलीग्राफी कॉम्पिटिशन में भाग लिया। यह प्रतियोगिता मौलाना आज़ाद कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, औरंगाबाद और ईरान कल्चर हाउस मुंबई और नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की गई थी।
इसमें पहले देशभर के कैलीग्राफिस्टों से उनकी कला के नमूने ऑनलाइन मंगवाए गए थे। उसके बाद चयनित होने के बाद उनको बुलाया गया। ऑनलाइन चयनित होने पर इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए टोंक से भी कैलीग्राफी कलाकार पहुंचे। जिसमें टोंक के 2 कलाकारों ने देश में पहला एवं दूसरा स्थान हासिल कर टोंक का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन 27 दिसंबर को हुआ। इस प्रतियोगिता में उस्ताद जफर रजा ख़ान और शाहजहां दोनों ने अपनी मेहनत और कला के प्रदर्शन से पुरस्कार प्राप्त किए। उस्ताद जफर रजा ख़ान ने नस्तालीक़ लिपि में दूसरा पुरस्कार और शाहजहां ने नसख़ अरबी (उस्मानी नसख़) लिपि में पहला पुरस्कार प्राप्त किया। संस्थान के जिम्मेदारों और उस्तादों ने इस सफलता को न केवल अपने संस्थान की मेहनत का परिणाम माना बल्कि ख़त्ताती की इस प्राचीन कला को जीवित रखने और उसकी प्रसार के लिए अपनी कोशिशों को और भी बढ़ाने का संकल्प लिया।
इनपुट: एम असलम।


