भास्कर न्यूज | जालंधर बारिश के कारण बड़े पैमाने पर कच्चे मकानों का नुकसान हुआ है। छतें लीक कर रही हैं। सरकार मुआवजे के नाम पर कम राशि दे रही है। इसके विरोध में सोमवार को पेंडू मजदूर यूनियन और खेत मजदूर यूनियन ने आंदोलन की तैयारी कर ली है। दोनों संगठन 12 सितंबर को करतारपुर स्थित तहसील कार्यालय के सामने धरना देंगे। संघ के राज्य प्रेस सचिव कश्मीर सिंह घुग्घशोर, तहसील अध्यक्ष केएस अटवाल और तहसील नेता बलविंदर कौर दयालपुर और परमजीत कौर ने बताया कि सरकार घर ढहने पर सिर्फ 1.20 लाख मुआवजा दे रही है, यह पीड़ितों के साथ मजाक है। सरकार कम से कम 15 लाख रुपए दे। यूनियन ने प्रभावित लोगों के घर जाकर स्थिति भी देखी। उन्होंने कहा कि बाढ़ और बारिश से हुआ नुकसान प्राकृतिक नहीं, बल्कि सरकारों की लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बाढ़ और बारिश से हुई भारी तबाही में दर्जनों लोगों की मौत के अलावा मकान, दुकानें, पशुधन, फसलें और जमीन आदि का भारी नुकसान हुआ है। यह लगातार जारी है। लेकिन केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा पूर्व चेतावनी के बावजूद इस नुकसान को रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। अब भी तुरंत जरूरी इंतजाम करने की प्रशासनिक सक्रियता नहीं दिख रही।


