आज दिल्ली में सीईओ संग सीईसी की बैठक:एसआईआर: पहचान के लिए झारखंड देगा पूर्वजों के खतियान का भी सुझाव

बिहार के बाद अब झारखंड में भी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) शुरू होगा। भारत निर्वाचन आयोग एक महीने में यहां एसआईआर शुरू करने की घोषणा कर देगा। सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार बुधवार को नई दिल्ली में बैठक करेंगे। इसमें एसआईआर के बारे में सभी राज्य अपने सुझाव रखेंगे। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार भी अपना सुझाव देंगे और एसआईआर के संदर्भ में की गई अपनी तैयारियों को बताएंगे। उल्लेखनीय है कि एसआईआर के बारे में पक्ष-विपक्ष के बीच तलवारें तनी हुई हैं। इस बीच, आयोग ने नागरिकता के लिए 11 विभिन्न दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करने को कहा है। इन 11 दस्तावेजों के अलावा झारखंड में रहने वाले लोगों के लिए जमीन के खतियान को भी मान्यता देने के प्रस्ताव पर विचार होगा। झारखंड के सुदूर गांवों में रहने वाले हजारों परिवार ऐसे हैं, जिनके पास कागजात का अभाव हो सकता है। ऐसे में उनके पूर्वजों के नाम के खतियान को आधार बनाते हुए उन्हें नागरिक माना जाएगा और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अगर आवेदक के पास खतियान नहीं है तो अंचल के माध्यम से खतियान प्राप्त किए जाएंगे। ऐसा भी हो सकता है कि झारखंड के इस प्रस्ताव को देश के अन्य राज्यों के लिए भी शामिल कर लिया जाए। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड को पहचान के रूप में आयोग रखेगा, पर आवेदकों के पास 11 दस्तावेजों में से कोई न कोई एक दस्तावेज अवश्य होना चाहिए। विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करता है। कई बार ऐसा पाया जाता है कि किसी व्यक्ति का निधन हो चुका है, लेकिन उसका नाम वोटर लिस्ट में है। कोई युवक 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका है, लेकिन उसका नाम लिस्ट में नहीं होता। दूसरे शहरों या प्रांतों में काम कर रहे लोगों के नाम दोनों जगहों की सूची में होते हैं। ऐसे में एसआईआर में नए नाम जुड़ेंगे। मृत हो चुके या दूसरी जगह रह रहे लोगों के नाम कटेंगे। सूची में नाम फिर से जोड़ने के लिए देना होगा दस्तावेज कई लोगों का यह सवाल है कि जिस तरह से एसआईआर की प्रक्रिया हो रही है, तो क्या सभी वोटरों को अपने दस्तावेज दिखाने होंगे। जानकारों का कहना है कि ऐसा नहीं है। अगर किसी वोटर का नाम मतदाता सूची से किसी कारण से कट गया है, तो वह मान्य दस्तावेज दिखाकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकता है। झारखंड में क्या-क्या हुईं तैयारियां…

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