कचहरी चौक स्थित संग्राम क्लब दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष परंपरा और सांस्कृतिक गरिमा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करने जा रही है। इस वर्ष यहां प्राचीन भारतीय मंदिर की शैली में पंडाल बनाया जा रहा है। पंडाल की वास्तुकला ओडिशा के लिंगराज और कोणार्क मंदिर से प्रेरित है। पंडाल के अंदर मां दुर्गा के भव्य दरबार का दर्शन होगा। दीवारों पर पारंपरिक महल का डिजाइन होगा। छतें अलंकारिक होंगी जो पंडाल के अंदरूनी हिस्से को और दिव्यता से भर देंगी। बाहरी हिस्से की बारीक नक्काशी और स्थापत्य शिल्प दर्शकों को प्राचीन मंदिरों की याद दिलाएंगे। मां दुर्गा की प्रतिमा मूर्तिकला का अनुपम उदाहरण पेश करेगी। पंडाल निर्माण में पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा ढांचा सभी सुरक्षा मानकों का पालन करता है। बंगाली शिल्पकला में होगी मां की मूर्ति मां दुर्गा की प्रतिमा मूर्तिकला का अनुपम उदाहरण पेश करेगी। इस वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा लगभग 12 फीट ऊंची होगी जिसमें पारंपरिक बंगाली शिल्पकला की छवि दिखेगी। लाल और सुनहरी साड़ी में मां भक्तों को आशीर्वाद देंगी। भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय, माता लक्ष्मी व मां सरस्वती की मूर्ति भी जीवंत प्रतीत होगी।


