सुरिंदर सिंह | जालंधर निगम में शामिल होने के बाद हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाला संसारपुर 6 वर्षों से विकास कार्यों को लेकर तरस रहा है। गांव में सड़कें और गलियां पक्की बनी हुई हैं। लेकिन मेन रोड की हालत खराब है पैदल तक चलने में दिक्कत आती है। जिस संसारपुर ने 14 ओलिंपियन दिए। उसका विकास तेजी से होना चाहिए था जो निगम में शामिल होने के बाद ठप्प पड़ा है। 2013 से 2018 तक पंचायत ने गांव के विकास कार्यों को करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एनआरआई और गांववासियों ने खुद गलियां व नालियां तक पक्की बनवाई। लेकिन जब निगम की हद में संसारपुर वार्ड-15 बना तो इसमें गांव धीणा, खुसरोपुर और कुछ हिस्सा फोलड़ीवाल का भी जुड़ गया। लोगों में रोष है कि 6 वर्षों में एक- दो बार ही निगम अधिकारियो ने चक्कर लगाए। निगम अधिकारी तो गांव तक आने से परहेज कर रहे हैं। अब नगर निगम के चुनाव होने जा रहे हैं। उसके बाद देखो कितना विकास होता और कौन करवाता है? संसारपुर गांव की तरफ जाती हुई सड़क जो अब खस्ता हालत में है, (मध्य ) गांव के प्रमुख गेट से गुजरते हुए वाहन और (दाएं) गांव में बने छप्पड़ पर बना कूड़े का डंप जिस कारण लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं ।


