बलरामपुर जिले के आबकारी विभाग में बुधवार (10 सिंतबर) को एक विवाद ने तूल पकड़ लिया। दो मुख्य आरक्षकों ने अपने सीनियर अधिकारी उपनिरीक्षक नीरज साहू को कंट्रोल रूम में बंद कर दिया। घटना सुबह कार्यालय खुलते ही हुई। उपनिरीक्षक नीरज साहू और मुख्य आरक्षक गिरजा शंकर शुक्ला व धर्मजीत राम शर्मा के बीच बहस शुरू हुई। विवाद का कारण 5 जुलाई 2025 को दोनों आरक्षकों की ड्यूटी से गैरहाजिरी का नोटिस था। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों आरक्षकों ने उपनिरीक्षक से हाथापाई की। उन्होंने साहू को कंट्रोल रूम में बंद कर दिया। उपनिरीक्षक ने किसी तरह बलरामपुर कोतवाली को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें मुक्त कराया। उपनिरीक्षक साहू ने इस घटना की शिकायत जिला आबकारी अधिकारी सत्यनारायण साहू से की है। हालांकि, जिला आबकारी अधिकारी ने इस घटना से अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। बलरामपुर में बिना ट्रेड सर्टिफिकेट चल रहे टू-व्हीलर शोरूम जिले में में बिना वैध ट्रेड सर्टिफिकेट के चल रहे टू-व्हीलर शोरूम के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर मानव अधिकार संगठन JJF ने कलेक्टर को शिकायत सौंपी है। संगठन के जिला समन्वयक राजकिशोर राम ने बताया कि इस मामले में 10 जून और 4 अगस्त को भी शिकायत की गई थी। कलेक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राजकिशोर राम का आरोप है कि जिला परिवहन अधिकारी शोरूम संचालकों के प्रभाव में आकर कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। मानव अधिकार संगठन ने मांग की है कि बिना ट्रेड सर्टिफिकेट वाले शोरूम को तुरंत बंद किया जाए। साथ ही जिन शोरूम के प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उनकी भी जांच की जाए। संगठन ने जिला परिवहन अधिकारी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की है। राजकिशोर राम ने अपनी शिकायत के साथ पूर्व में की गई शिकायतों और कलेक्टर के निर्देशों की प्रतियां भी लगाई हैं। संगठन का कहना है कि इस मामले को मानव अधिकारों और शासन की गरिमा से जोड़कर देखा जाए। इससे आम लोगों को न्याय और पारदर्शिता मिल सकेगी।


