हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में आज पांच अर्थियां एक ही आंगन से उठीं। निरमंड के शमानी खड्ड में इनका अंतिम संस्कार किया गया। दरअसल, बीते कल आनी के निरमंड में लैंडस्लाइड से घर गिरने के बाद एक ही परिवार के 8 लोग मलबे में दब गए थे। इनमें से 5 व 7 साल के दो बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। घर के मुखिया शिवराम को मलबे से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, लेकिन उनका पूरा परिवार खत्म हो गया। शिवराम की पत्नी तृप्ता देवी, बेटा चुन्नी लाल, बहू अंजना कुमारी, पोता भोपेश (5) की और पोती जागृति (7) की मलबे में जान चली गई। बीती शाम को इनका पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंपे गए। शमानी खड्ड में आज अंतिम संस्कार देरी की वजह से बीती शाम को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। इसलिए आज इनका शमानी खड्ड में अंतिम संस्कार किया गया। इनकी चिताओं को शिवराम के दूसरे बेटे श्याम लाल ने मुखाग्नि दी। श्याम लाल अपने परिवार के सात रामपुर में रहते हैं। इससे वह हादसे का शिकार होने से बच गए। इस हादसे में शिवराम, इनके भाई धर्मदास और भाभी कला देवी घायल हुई हैं। मानसून सीजन में 378 की मौत मानसून सीजन के दौरान 378 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 76 लोगों की मौत बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड से हुई है। परिवार पंचायत भवन में शिफ्ट इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय प्रशासन ने परिवार के बचे हुए सदस्य को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया है। इस लैंडस्लाइड से गांव के तीन मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। इन्हें भी खाली करवा दिया गया है। आज-कल बारिश का अलर्ट नहीं वहीं प्रदेश में आज और कल बारिश को लेकर किसी भी जिला में अलर्ट नहीं है। मगर, 2 दिन बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा एक्टिव हो रहा है। इससे 12, 13 व 14 सितंबर को फिर से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश से 680 सड़कें बंद प्रदेश में भारी बारिश के कारण 680 सड़कें यातायात को बंद पड़ी है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 150 से ज्यादा रूट ऐसे हैं जिन पर 15 दिनों से सरकारी व प्राइवेट बसें नहीं भेजी गई। किसानों-बागवानों की फसलें मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही। मंडी में सबसे ज्यादा 1710 मिलीमीटर बारिश प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बादल बरस चुके हैं। एक जून से 9 सितंबर के बीच 663.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। मगर इस बार 956.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 1710.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। प्रदेश में नुकसान भी मंडी जिला में ही सबसे ज्यादा हुआ है। कांगड़ा जिला में भी 1698.2 मिलीमीटर, सिरमौर में 1577.7, ऊना 1485.3, सोलन 1388.1, हमीरपुर 1364.7, बिलासपुर 1301.8, चंबा 1021.7, कुल्लू 1041.6 और शिमला में 1181.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। 4156 करोड़ की संपत्ति नष्ट प्रदेश में भारी के कारण 4156 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। लैंडस्लाइड की 137 घटनाओं, बाढ़ की 97 और बादल फटने की 45 घटनाओं में जान और माल दोनों का नुकसान हुआ है। आपदा के कारण 1237 घर जमींदोज हो चुके है, जबकि 5317 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।


