सिटी रिपोर्टर | बोकारो शनिवार से नहाय-खाय के साथ मां और उनके संतान के पवित्र आस्था और लोक संस्कृति का तीन दिवसीय जिउतिया पर्व आरंभ होगी। इस पर्व को लेकर क्षेत्र की मां संतान की लंबी और सुखमय जीवन की मंगल कामना के लिए व्रत पूजन की तैयारी में जुट गई है। संतान और माता के पवित्र बंधन और सुख शुभ सलामती का यह जिउतिया पर्व शनिवार को नहाए खाए के साथ शुरू हो जाएगा। अगले दिन अष्टमी रविवार को महिलाएं माताएं निर्जला कठिन व्रत उपवास का संकल्प लेगी। इस व्रत के महत्व को लेकर बुधवार को पुरानी दुर्गा मंदिर साप्ताहिक घाट परिसर में व्रत करने वाले लोगों ने खरीदारी की। पूरे जिले में जिउतिया की तैयारी शुरू हो गई है। बाजारों में पूजा सामग्री की खरीदारी हो रही है। जिउतिया में माताएं अपने बच्चों की सलामती के लिए कलश स्थापना के साथ उपवास रखेंगी। जिउतिया व्रत से पुत्र की आयु और कृति में वृद्धि होती है मंदिर के पुजारी पवन मिश्रा ने पर्व की मान्यता को लेकर बताया कि इस त्योहार में जल अनाज का त्याग कर माताएं भगवान जीउत वाहन की पूजा अर्चना करती है। संतान की सलामती दीर्घायु और खुशहाली के लिए प्रार्थना करती है। विश्वास है कि जिउतिया व्रत करने से पुत्र की आयु, यश और कृति में वृद्धि होती है। उस पर आने वाली संकट और बाधाएं दूर हो जाती है। पंडित श्री मिश्रा ने बताया कि जिउतिया पर्व मातृत्व की मंगल भावना, त्याग तथा तपस्या का प्रतीक पर्व है। यह धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक उपयोगिता को भी मजबूत करती है।


