खालड़ा| सिख इतिहास के सुनहरी पन्नों को अगर पलटा जाए तो साहिबजादों जैसी शहादत की मिसाल किसी ओर धर्म में नहीं मिलती। इन शब्दों का प्रगटावा गांव सांडपुरा के सरपंच पलविंदर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों और माता गुजर कौर की शहादत को पूरी दुनिया सिर झुकाकर नमन कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर गुरु गोबिंद सिंह अपना सर्वस्व बलिदान न देते तो लोगों को गुलामी से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गुरु गोबिंद सिंह जी की कुर्बानियों को याद रखते हुए उनके आदर्शों और शिक्षाओं पर चलने का प्रयास करें।


