DSPMU… शिक्षकों के 75% पद खाली, 16 साल से नहीं हुई है नियुक्ति

वर्ष 2018 में रांची कॉलेज को अपग्रेड कर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) का दर्जा दिया गया था। तब उम्मीद जगी थी कि शिक्षकों, स्टाफ और लैब टेक्नीशियन की कमी शीघ्र दूर कर ली जाएगी। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। आंकड़ों पर गौर करें तो रांची कॉलेज जो पहले रांची यूनिवर्सिटी का हिस्सा था, वहां 2008 यानी पिछले 16 साल से शिक्षकों के रिक्त पदों नियुक्ति नहीं हो सकी है। जबकि, रांची यूनिवर्सिटी समेत राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में पिछले 6 साल से ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई है। इधर, विवि शिक्षक लगातार रिटायर करते जा रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नियुक्ति नहीं हो रही है। बताते चलें कि टेक्नीशियन के 29 विषयों में विवि शिक्षकों के कुल 166 पद सृजित हैं। इसमें से सिर्फ 40 शिक्षक ही वर्तमान में सेवा दे रहे हैं। यानी विवि शिक्षकों के 126 पद (कुल पदों का 75% पद) खाली है। एडहॉक शिक्षकों के भरोसे क्लास संचालित किए जा रहे हैं। इसका सीधा असर क्वालिटी एजुकेशन पर पड़ रहा है। डीएसपीएमयू में कब तक शिक्षकों की नियुक्ति होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि अभी तक नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वर्ष 2018 में होनी थी नियुक्ति, लेकिन मामला लटक गया राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में वर्ष 2018 में 1118 असिस्टेंट प्रोफेसर (रेगुलर और बैकलॉग) की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। तब रांची कॉलेज (वर्तमान डीएसपीएमयू) रांची विवि के अंतर्गत संचालित था। रांची कॉलेज के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए रांची विवि की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन, जब नियुक्ति होने लगी तबतक रांची कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल गया था। इस कारण मामला लटक गया। यूजी व पीजी कोर्सों में 16 हजार स्टूडेंट्स हैं नामांकित डीएसपीएमयू के यूजी-पीजी कोर्सों में 16 हजार स्टूडेंट्स नामांकित हैं। कामचलाऊ व्यवस्था के तहत लगभग चार दर्जन नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की गई है, जिसके भरोसे यूजी-पीजी स्तर के क्लास संचालित किए जा रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि डीएसपीएमयू में एक भी प्रोफेसर रैंक के शिक्षक नहीं हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर गिने-चुने शिक्षक हैं। डीएसपीएमयू में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के सिलेबस के अनुसार स्नातक स्तर पर पढ़ाई हो रही है। एनईपी का उद्देश्यों को पूरा करने के लिए छात्रों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। लेकिन, यहां विवि शिक्षकों के दो तिहाई सृजित पद रिक्त हैं। नियुक्ति के लिए रोस्टर क्लियर, जेपीएससी को भेजा गया प्रस्ताव प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के सृजित पदों का रोस्टर क्लियर कर लिया गया है। झारखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। लेकिन आयोग में अध्यक्ष का पद पिछले चार माह से खाली है। आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद ही विवि शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विवि शिक्षकों के कुल 166 पद सृजित, इसमें सिर्फ 40 ही कार्यरत

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *