खंडवाला पिशोरी नगर के गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में चल रहे सफर ए शहादत गुरमत समागम के 5वें दिन कई जत्थे गुरु जस सुनाने पहुंचे। माता गुजर कौर और चार साहिबजादों की शहादत को समर्पित चल रहे 6 दिवसीय ‘सफर ए शहादत गुरमत समागम में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह मुख्य रूप से शामिल हुए। पिशोरी नगर के गुरुद्वारा श्री तेग बहादुर साहिब में करवाए जा रहा समागम रात साढ़े 10 बजे तक जारी रहा। प्रधान मनजीत सिंह और इलाके की संगत के सहयोग से करवाए जा रहे गुरमत समागम में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि शहादत के इन दिनों में सिख संगत विवाह शादी समेत कोई भी शुभ कार्य नहीं करती। क्योंकि इन दिनों गुरु साहिब के चारों बेटों की शहादत हुई थी। इसलिए सारी संगत इन दिनों को नहीं भुला सकती।
उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान गुरु साहिब जी ने अपने बेटे बाबा जुझार सिंह को खुद शास्त्र सजाए थे। बाबा जुझार सिंह जी ने चमकौर साहिब में शहादत प्राप्त की। जालिम गंगू माता गुजर कौर और छोटे साहिबजादों को अपने घर ले आया और लालच में आकर गिरफ्तार भी करवा दिया। शहादत के समय दोनों छोटे साहबजादों की आयु 7 और 9 साल थी। उन्होंने पिशोरी नगर की संगत द्वारा करवाए जा रहे इस समागम की प्रशंसा की। गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों द्वारा सिंह साहिब को सम्मानित किया। इस मौके पर गोबिंद राम, बेअंत राम, हरदीप सिंह, प्यारा सिंह, विद्या राम, स्वरूप चंद समेत कई लोग मौजूद थे।


