भास्कर न्यूज | जांजगीर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने जांजगीर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान महिला संपत्ति अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। एक प्रकरण में महिला द्वारा यह दावा किया गया कि पिता की संपत्ति में केवल पुत्रों को ही हिस्सा मिलना चाहिए, बहनों को नहीं। इस पर आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं का संपत्ति में समान अधिकार है, और कानून सभी संतानों को बराबरी का हक देता है। इस प्रकरण में बताया गया कि पिता की मृत्यु वर्ष 1993 में हुई थी, जिसके बाद हुई चिह्नांकन में मां और दोनों बहनों के नाम दर्ज हो चुके हैं। आयोग ने निर्देश दिया कि पक्षकार तहसील अकलतरा कार्यालय से नियमानुसार अपना निराकरण करें। इस आधार पर प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया। जनसुनवाई में विभिन्न प्रकार के महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और कार्यस्थल पर व्यवहार संबंधी शिकायतों पर सुनवाई की गई। महिला आयोग की अध्यक्षता में आयोजित इस 343वीं राज्य स्तरीय व जिले की 12वीं जनसुनवाई में आयोग की सदस्य सरला कोसरिया भी मौजूद रहीं। एक अन्य प्रकरण में अकलतरा तहसील से जुड़ी पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे का मामला सुनवाई में लाया गया, जिसमें सीमांकन और चिह्नांकन की प्रक्रिया शेष थी। आयोग ने दोनों पक्षों को समझाइश देते हुए आपसी सहमति से समाधान कराने को कहा, और प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। एक महिला द्वारा कार्यस्थल पर अपमानजनक भाषा का आरोप लगाया गया था। आयोग के समक्ष सुनवाई में प्रभारी प्राचार्य ने आवेदिका से माफी मांगी, जिसे महिला ने स्वीकार किया, लेकिन भविष्य में दुबारा ऐसी स्थिति न हो, इस पर ज़ोर दिया गया।


