भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी देवानंद सेण्ड्रे (20 वर्ष) के खिलाफ फैसला सुनाया। लैंगिक अपराध की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के आरोप में 5 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड, धारा 366 के आरोप में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार 10 मई 2024 को पीड़िता के पिता थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी। उसने जानकारी दी थी कि नाबालिग बेटी 9 मई 2024 को सुबह 11 बजे घर से अपने मामा के घर जाने निकली थी लेकिन शाम तक घर नहीं पहुंची। आसपास व रिश्तेदारों से पता करने पर कोई सुराग नहीं मिला। एएसआई ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर ले जाने के संबंध में एफआईआर दर्ज की।


