हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के रेवाली गांव में रामगढ़ जिले के बलिया गांव निवासी 25 वर्षीय बिजली मिस्त्री दिलीप कुमार 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। दिलीप पोल पर चढ़कर बिजली की तारों की मरम्मत कर रहे थे। अचानक बिजली प्रवाहित हो जाने से उनके दोनों हाथ और एक पैर बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल दिलीप को नीचे उतारा और हजारीबाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक बी.एन. प्रसाद ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें रांची रेफर कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि दिलीप के शरीर का बड़ा हिस्सा करंट से झुलस गया है और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। ठेकेदार और मिस्त्री में आरोप-प्रत्यारोप हादसे के बाद दिलीप और पेटी ठेकेदार सुनील कुमार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। दिलीप का कहना है कि शटडाउन लेने के बावजूद बिजली प्रवाहित कर दी गई, जिससे हादसा हुआ। वहीं सुनील का आरोप है कि दिलीप ने बिना शटडाउन लिए ही काम शुरू कर दिया था। इस मामले में सच्चाई क्या है, इसकी जांच बिजली विभाग कर रहा है। ग्रामीणों ने उठाए सवाल घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा लापरवाही बरती जाती है। मरम्मत कार्यों में न तो मानकों का पालन होता है और न ही सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे मजदूरों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है। परिजनों की बढ़ी चिंता उधर, गंभीर रूप से घायल दिलीप कुमार के परिवार को भी हादसे की सूचना दे दी गई है। परिवार के लोग उनकी आर्थिक स्थिति को लेकर भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ने उनके बेटे की जिंदगी खतरे में डाल दी है। फिलहाल, दिलीप रांची में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।


