एक्सीलेंस गर्ल्स डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर उनकी जरूरत की सामग्री दी जा रही है। किताबों से लेकर साइकल, फ्रिज, वॉशिंग मशीन तक उन्हें दिए जा रहे हैं। इसका असर यह हो रहा है कि पहले जहां युवा उत्सव की 22 विधाओं के लिए छात्राएं ही नहीं मिलती थीं, अब उनमें चयन के लिए जद्दोजहद करना पड़ रही है। पहले 50 से 60 छात्राएं ही सहभागिता कर पाती थीं। अब 600 से 700 छात्राओं में से 22 विधाओं के लिए छात्राओं का चयन कि जा रहा है। पहले विवि स्तर तक ही तीन से चार विधाओं में छात्राएं पहुंच पाती थीं। अब हर दूसरी विधा में एक नाम कॉलेज का होता है। राज्य स्तर तक पर छात्राएं न सिर्फ हिस्सा लेने में सफल हो रही हैं। बल्कि वहां भी मेडल जीत रही हैं। यह बदलाव वर्ष-2022 में कॉलेज द्वारा किए गए नवाचार से आया है। जिसमें विभिन्न स्तर पर विजेता बनने वाली छात्राओं को कॉलेज द्वारा अपने स्तर पर दिए जाने वाले फंड से ट्रॉफी की जगह सामग्री देने का निर्णय लिया गया। युवा उत्सव की विधाओं के अलावा, खेल, एनएसएस और एनसीसी की छात्राओं को उनकी उपलब्धि के आधार पर राशि दी जा रही है। वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में दिए जाते हैं उपहार : प्राचार्य डॉ. आनंद तिवारी ने बताया कि हर साल कॉलेज में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह होगा। इसमें युवा उत्सव, खेलकूद आदि विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया जाता है। कॉलेज स्तर पर ही अमल गेटेट फंड से निर्धारित राशि के पुरस्कार छात्राओं को देते हैं। 2021 से इसकी शुरुआत हुई। इसमें छात्राओं ने जितनी राशि जीती, उतने की ही शील्ड देने की जगह हम उनकी जरूरत, पसंद की सामग्री पुरस्कार स्वरूप देते हैं। इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जो राशि का प्रावधान किया गया है, हर साल उसमें 10 फीसदी की वृद्धि भी की जाती है। जितनी ज्यादा उपलब्धि उतनी ही ज्यादा राशि की सामग्री : जिला संयोजक युवा उत्सव सांस्कृति प्रभारी डॉ. अंजना चतुर्वेदी ने बताया कि पहले सिर्फ ट्रॉफी दी जाती थी। सर्वसम्मति से तय हुआ कि छात्राओं को उनकी पसंद की सामग्री दी जाए। छात्राएं जितनी ज्यादा विधाओं में या स्तर पर जीतती हैं, उतनी ही ज्यादा उनकी राशि बनती है। उसी से यह सामग्री दी जाती है। ये उपहार दिए गए शालिया बानो को फ्रिज, मोहनी और राजेश्वरी को वॉशिंग मशीन, नाजमीन को अलमारी, पारुल, अमृता आदि को ड्रेसिंग टेबल आदि दिए गए। इसका यह फायदा भी हो रहा है कि छात्राएं आगे बढ़ रही हैं तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है। व्यक्तित्व विकास भी हो रहा है। अब तक यह सामग्री दी जा चुकी वॉशिंग मशीन, फ्रिज, कूलर, ड्रेसिंग-टेबल, अलमारी, साइकल, ओवन, साइकल, घड़ी, गिटार, घुंघरू, किताबें, कैनवास, ड्राइंग किट आदि। बदलाव… विवि स्तर पर हर दूसरी विधा में गर्ल्स कॉलेज का नाम डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि पहले राज्य स्तर पर द्वितीय या तृतीय स्थान पर ही कुछ विधाओं में हमारी छात्राएं आईं। छात्राओं को प्रोत्साहित करने का असर यह रहा कि 2022 में रंगोली में पहली बार राज्य स्तर पर कॉलेज की छात्रा विजेता बनीं। पहली बार मिमिक्री, स्किट, मूकाभिनय और एकांकी यानी नाट्य विधाओं में विवि स्तर पर हम ओवरऑल चैंपियन बने। अब राज्य स्तर पर सब जाएंगी। पहली बार विवि स्तर पर 11 विधाओं में छात्राओं ने सहभागिता की। इस बार रिकॉर्ड 7 विधाओं में राज्य स्तर पर छात्राएं सहभागिता करने जाने वाली हैं।


