एक्सपर्ट के साथ अभिषेक द्विवेदी की रिपोर्ट चिकनगुनिया के नेचर में इस बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर किसी व्यक्ति को अगर चिकनगुनिया हो चुका है तो वह सीजन में दूसरी बार चिकनगुनियां से पीड़ित नहीं होता था, लेकिन इस बार यह बीमारी से पीड़ित मरीजों में यह बीमारी दोबारा हो रही है। हर बार सर्दी के मौसम में चिकनगुनिया के मरीज कम हो जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। इसका बड़ा कारण यह है कि इस चिकनगुनिया का वायरस काफी ताकतवर हो गया है। इससे यह पहले की तुलना में अब ज्यादा घातक हो गया है। जिस कारण सही होने के बाद भी मरीजों के हाथ-पैरों में दर्द लंबे समय तक बना रहता है। जिला अस्पताल में नहीं आई चिकनगुनिया की जांच किट स्वास्थ्य विभाग चिकनगुनिया को लेकर कितना गंभीर है इसका पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल मुरार में चिकनगुनिया की जांच किट इस माह के पहले सप्ताह में खत्म हो गई थी। तब से अभी तक चिकनगुनिया की जांच किट नहीं आई है। शहर में सिर्फ जीआरएमसी में ही जांच हो रही है। लिहाजा मरीज जांच कराने यहां तक नहीं पहुंच रहा है।


