तरनतारन रेलवे स्टेशन पर गंदगी के अंबार बारिश के पानी की निकासी का प्रबंध नहीं

रेलवे की ओर से भले ही बजट में करोड़ों रुपए खर्च करके आए दिन नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी जाती है। लेकिन यह करोड़ों की परियोजनाओं के वर्क कार्य केवल कागजों तक ही सीमित है। इन्हें अमली जामा पहनाना विकास कार्यों से कोसों दूर है। जिसकी ताजा मिसाल तरनतारन के रेलवे स्टेशन में देखने को मिली जहां एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद भी पानी के निकास व गंदगी का कोई प्रबंध नहीं था। टिकट काउंटर से लेकर यात्रियों के बैठने बाली जगह तक गंदगी व पानी की निकासी न होने कारण यात्री आए दिन परेशानियों का सामना कर रहे है। इस संबंधी जब रेलवे स्टेशन तरनतारन का शनिवार रात सवा 9 बजे दौरा किया गया तो खेमकरण से अमृतसर जाने वाली डीएमयू रेलगाड़ी में व्यस्त स्टेशन अधिकारी इस मामले के बारे में कुछ नहीं बोले। यात्री करनवीर सिंह, दलीप कुमार, अश्विन राज, किरण ने बताया कि वह पट्टी में जाब व कारोबार करते हैं। हर रोज डीएमयू से 8 बार आना जाना होता है। काम स्टेशन के पास है। रात को अंतिम गाड़ी जो कि खेमकरण से अमृतसर के लिए जाती है उसमें आते है। पिछले एक सप्ताह से देख रहे है कि यात्रियों के बैठने के लिए अगर सीटें बनी हैं तो उनके नीचे गंदगी के ढेर व पानी की बदबू से लोग प्लेटफार्म पर खड़े दिखाई देते है। बता दें कि रेलवे स्टेशन तरनतारन में 4 पेड़ थे। इन पेड़ों को रेलवे विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर काट दिया कि रेलगाड़ी आने पर इनकी टहनियां प्लेटफार्म तक पहुंचती है। रेलवे स्टेशन तरनतारन सीमावर्ती ऐसा पहला जिला था जब केंद्र सरकार की ओर से इसे जंक्शन बनाया गया था। उसके बाद यहां से लंबे रूट की ट्रेनों के लिए दोबुर्जी में साल 2015 में बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियों से संचालित बनाया गया। लोगों की मांग को मुख्य रखते हुए साल 2018 में धार्मिक स्थान श्री गोइंदवाल साहिब व ब्यास के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई जो अभी भी चल रही है। लेकिन इन सभी के बावजूद स्टेशन में विकास नहीं हुआ। इस संबंधी फिरोजपुर मंडल के डीआरएम संजीव कुमार का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आया है। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए जल्द ही तरनतारन रेलवे स्टेशन का दौरा कर सभी अव्यवस्थित कामों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजी जाएगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *