शहर के अधिकतर पार्कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। जहां एक समय ये पार्क सुबह-शाम सैर करने वालों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुकून का स्थान थे, वहीं अब गंदगी, टूटे झूलों और खराब फिटनेस मशीनों के कारण लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुके हैं। गौरतलब है कि लाखों रुपए की लागत से लगाई गई फिटनेस मशीनों पर जंग लग चुका है और इनमें से अधिकतर मशीनें अब उपयोग के लायक नहीं हैं। नगर निगम की ओर से इनकी मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले भी टूट चुके हैं। शहर के सक्तरी बाग, कंपनी बाग, फोकल प्वाइंट पार्क, चालीस खूह पार्क से लेकर खजाना गेट और गिलवाली गेट तक स्थित पार्कों की हालत चिंताजनक है। जगह-जगह जंगली घास उग आया है। कंपनी बाग में लगा पानी का फव्वारा भी बंद पड़ा है। नगर निगम के सिविल इंजीनियर संदीप सिंह ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगम पार्कों की सफाई करवा रहा है। सभी पार्कों में जंगली घास की कटाई करवाई जा रही है। वहीं खराब हो रही फिटनेस मशीनों और झूलों की जल्द मरम्मत करवाई जाएगी। ताकि लोगों को कोई समस्या न आए। सबसे गंभीर बात यह है कि कई पार्कों में नशेड़ी और शरारती तत्व डेरा जमाए रहते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल रहता है। लोग अब सैर करने से भी कतराने लगे हैं। शहरवासी नरेश कुमार, विक्रमजीत सिंह, पन्ना कुमार, सेवा सिंह का कहना है कि नगर निगम को पार्कों की जल्द सफाई करानी चाहिए। वहीं मशीनों और झूलों की मरम्मत की जानी चाहिए। यहां तक कि पार्कों में सुरक्षा के इंतजाम भी होने चाहिए। ताकि उक्त पार्कों फिर से उपयोगी और सुरक्षित बन सकें।


