जहां धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान प्रमुख है, वहां स्वच्छता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मॉडल टाउन में प्रसिद्ध माता लाल देवी मंदिर के पास, एक चौंकाने वाला विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जिस दीवार पर “कूड़ा फेंकना मना है’ का बैनर लगा है, ठीक उसी के नीचे कूड़े का एक बड़ा ढेर लगा हुआ है। यह स्थिति स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों की लापरवाही को दर्शाती है। जहां एक ओर लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझ रहे और कहीं भी कूड़ा फेंक रहे हैं, वहीं नगर निगम भी इन कूड़े के ढेरों को समय पर उठाने में विफल रहा है। खुले में पड़ा यह कूड़ा न केवल शहर की छवि को खराब कर रहा है, बल्कि दूर-दराज से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। जब लोग खुद ही अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं समझेंगे तो शहर को स्वच्छ कैसे रखा जा सकता है? यह आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाए। नगर निगम को इस क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित करनी चाहिए और खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।


