बड़े अफसरों के संपर्क में था फर्जी मेजर गणेश:5 दिन की रिमांड पर, चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल की जांच शुरू, कॉल डिटेल-सीसीटीवी से खुलेंगे राज

फर्जी मेजर गणेश भट्ट को चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल ने 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क किन बड़े अधिकारियों से थे। फिलहाल इस पर से पर्दा नहीं उठा है। गणेश भट्ट की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद हुई थी। अब पुलिस पर सबकी नजर है कि वह कब तक उन अधिकारियों के नाम उजागर करती है, जिनसे उसका संपर्क था। सूत्रों के मुताबिक, गणेश भट्ट के मोबाइल फोन से कई अहम राज खुल सकते हैं। बताया जा रहा है कि वह बड़े अधिकारियों से फोन और मैसेज के जरिए बातचीत करता था और कुछ के साथ लंच-डिनर तक कर चुका है। इन अधिकारियों के नाम का खुलासा पुलिस रिमांड के दौरान हो सकता है। क्राइम ब्रांच से केस ऑपरेशन सेल को ट्रांसफर
चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच द्वारा 22 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किए गए फर्जी मेजर का केस अब ऑपरेशन सेल को सौंप दिया गया है। कोर्ट ने यह केस क्राइम ब्रांच से लेकर ऑपरेशन सेल को ट्रांसफर किया। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने आरोपी के पुलिस रिमांड के लिए दो बार 7-7 दिन की याचिका डाली थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों बार इन याचिकाओं को खारिज कर दिया। दरअसल, आरोपी ने क्राइम ब्रांच पर आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान उसके साथ थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया। इसी वजह से केस की जांच अब ऑपरेशन सेल को दी गई है। बड़े अफसरों से भी था उठना-बैठन
सूत्रों से पता चला है कि आरोपी गणेश भट्ट का पुलिस के बड़े अफसरों के साथ भी उठना-बैठना रहा है। यही नहीं, कुछ अफसरों के साथ खाना खाने तक की चर्चा पुलिस विभाग के अंदर ही चल रही है। अब जांच क्राइम ब्रांच से ट्रांसफर होकर ऑपरेशन सेल के पास आ चुकी है। पुलिस द्वारा अब गणेश की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। उसमें कई पुलिस के बड़े अफसरों से हुई बात का भी खुलासा होगा कि वह किन-किन अफसरों के संपर्क में रहा और उनके साथ उसकी लोकेशन दिन और रात के किस समय की आ रही है। सीसीटीवी कार्रवाई प्रिजर्व
आरोपी के वकील निखिल के. वशिष्ठ ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि सेक्टर-16 अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को प्रिजर्व करवा दिया जाए। जिसके बाद उसे प्रिजर्व करवा दिया गया है। इससे केस में उन्हें काफी मदद मिलेगी। थर्ड डिग्री टॉर्चर के आरोप
आरोपी के वकील निखिल के. वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने गणेश भट्ट को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। इसके बाद सेक्टर-16 के एसएमओ ने मेडिकल बोर्ड बनाकर उसका मेडिकल करवाया और रिपोर्ट कोर्ट को भेजी। रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश भट्ट के कान में चोट, आंख, हाथ-पैर और गाल पर सूजन और शरीर पर छोटे-छोटे चोट के निशान पाए गए। महिला कांस्टेबल की शिकायत पर एफआईआर चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने एक महिला कांस्टेबल की शिकायत पर गणेश भट्‌ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे 22 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सेक्टर-11 थाने की एक महिला सिपाही से पांच लाख रुपए और एक सोने की अंगूठी ले ली। आरोपी ने महिला सिपाही को खुद को मेजर बताकर विश्वास में लिया था।

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