अचानक रुका पानी और गैस का बहाव:कीचड़ में फंसे ट्रक का एक हिस्सा आया नजर, कलेक्टर ने लगाई धारा 167

जैसलमेर के मोहनगढ़ इलाके में शुक्रवार सुबह से ट्यूबवेल फटने से बह रही जलधारा और गैस का रिसाव बीती रात अचानक बंद हो गया। जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया- ट्यूबवेल से अचानक पानी का बहाव और गैस का रिसाव बंद रविवार रात को हो गया। सुबह लोगों ने देखा तो इसके समाचार दिए। हम सब मौके पर जा रहे हैं और हालत का जायजा लेंगे। इसके साथ ही ऑयल-गैस कंपनियों की विशेषज्ञों की टीम जो इसके सैंपल लेकर गई है, उनको भी सूचना दे दी गई है। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे क्या करना है इसको लेकर रणनीति बनाई जाएगी। ट्रक और मशीन को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए ऑयल कंपनियों के क्राइसिस मैनेजमेंट को सूचना दी गई है। उनके आने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। लेकिन तब तक इस इलाके में किसी के भी आने जाने पर रोक जारी रहेगी। विशेषज्ञों की टीमों ने लिए सैंपल गौरतलब है कि जैसलमेर के उपतहसील मोहनगढ़ इलाके के सुथारमंडी के 27 बीडी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह विक्रम सिंह के खेत में बोरवेल कि खुदाई के दौरान जमीन धंस गई और जमीन से अचानक तेज रफ्तार से पानी बाहर आने लगा। पानी का बहाव गैस के साथ निकलने लगा जिससे बोरवेल खुदाई कि मशीन आधी अंदर धंस गई और मौके पर कीचड़ और पानी जमा होने लगा था। शनिवार रात को ट्रक मशीन समेत पूरा जमीन में समा गया। प्रशासन ने अलर्ट होकर 500 मीटर एरिया को खाली करवा कर ओएनजीसी, केयर्न इंडिया और ऑयल इंडिया के विशेषज्ञों को मौके पर बुलाया। विशेषज्ञों ने मौके से सैंपल लिए और उसको जांच के लिए लैब भेजा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही गैस कौनसी है उसका पता चलेगा। इसके साथ ही पानी के बहाव को रोकने आदि के लिए भी क्राइसिस मैनेजमेंट कि टीम को बुलाया गया। अब चूंकि मौके से पानी का बहाव बंद हो गया है तो प्रशासन अब रेस्क्यू के लिए आज निर्णय करेगा। अभी भी जमीन में धंसा है ट्रक, 20 फीट बड़ा गड्ढा फिलहाल मौके पर अभी भी ट्रक जमीन में धंसा हुआ है। वहीं आसपास करीब 20 फीट बड़ा गड्ढा बन गया है। चारों तरफ कीचड़ फैला है। जमीन में से 30 फीट लंबे ट्रक में लगी मशीन का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही नजर आ रहा है। प्रशासन को आशंका है कि अगर ट्रक को पानी से बाहर निकाला जाए तो कहीं दुबारा से पानी और गैस का रिसाव ना हो जाए। इसलिए टीम का इंतजार है जो अपने संसाधनों से प्लानिंग करके रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। मौके पर धारा 167 लगाई, आवागमन पर लगाई रोक बोरवेल की खुदाई के दौरान अचानक बेकाबू पानी एवं गैस निकलने से आपदा की स्थिति पैदा होने की अशंका को देखते हुए कलेक्टर प्रताप सिंह ने वहां किसी के भी आवागमन पर रोक लगा दी। रविवार देर रात एक आदेश जारी कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की निषेधाज्ञा धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयेाग करते हुए कलेक्टर ने वहां किसी के भी प्रवेश को प्रतिबंधित किया। आदेश में बताया गया कि इस परिस्थिति में आमजन एवं जन साधारण की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न सकता है। इसलिए इस सुथार मण्डी के 27 बीडी के आस-पास के क्षेत्र में आमजन के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है। आदेशानुसार उन्होंने यह भी आगाह किया हे कि बहता पानी या हो रही गैस के रिसाव के कारण उनके पशुधन को या व्यक्ति को नुकसान हो सकता हैं। इसलिए सभी व्यक्तियों को यह ध्यान रखना है कि उस पानी के पास कम से कम 500 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति नहीं जाए। दुबारा शुरू ना हो इसलिए एहतियात जरूरी मोहनगढ़ में बीते 3 दिन से ट्यूबवेल हादसा होने के बाद भूगर्भ से निकल रहा पानी का बहाव रविवार देर रात अचानक बंद हो गया। देर रात पानी के साथ ही निकलने वाली गैस भी बंद हो चुकी है। कलेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि वे खुद सोमवार को मौके पर जानेगे और हालातों का जायजा लेंगे। साथ ही निजी कंपनियों के साथ डिस्कस करके ट्रक को मौके से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के लिए निर्णय लिया जाएगा। उप तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट मोहनगढ़, ललित चारण ने बताया- मोहनगढ़ उप तहसील के 27 BD के जोरा माइनर पर ट्यूबवेल खोदते समय जमीन से पानी ओर गैस रिसाव की घटना हुई थी जो 29 दिसंबर, रात 10 बजे के आस पास अपने आप रिसाव बंद हो गया। लेकिन विशेषज्ञों की राय के अनुसार इस जगह वापस कभी भी रिसाव दुबारा शुरू हो सकता है जिसमें से हानिकारक तत्व जैसे जहरीली गैस आदि का रिसाव हो सकता है। और भूमि धंसने और विस्फोट होने की संभावना बनी हुई है। इस क्षेत्र में कलेक्टर प्रताप सिंह द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लगाई गई है अभी भी प्रभावी है। इसलिए आम जन से अपील है कि इस ट्यूबवेल के 500 मीटर के क्षेत्र में कोई व्यक्ति स्वयं या माल मवेशी को प्रवेश न करने दे। और खेत के काश्तकार को भी पाबंद किया जाता है कि जब तक विशेषज्ञों की राय न आए तब तक इस वेल में फंसे हुए उपकरणों को बाहर निकालने की कोशिश न करें। जैसलमेर में जहां पानी की धार निकली,उसमें ट्रक-बोरिंग मशीन समाए:गैस निकलने के कारण 500 मीटर का इलाका खाली कराया, जांच के लिए ONGC के अधिकारी पहुंचे

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