मुख्यमंत्री ने पिछले साल 12 दिसंबर को शपथ लेते ही विभागों में सुशासन के आदेश दिए थे। आईडीए ने भी प्लॉट धारकों से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए सात दिन में आवेदन का निराकरण कर देने का टारगेट लिया था। वहीं 10-15 साल पहले लगे नामांतरण, लीज नवीनीकरण, फ्री-होल्ड के हजारों प्रकरणों को सप्ताह में दो बार शिविर लगाकर समाप्त किया। सीईओ के मुताबिक ऐसी व्यवस्था कर दी गई है कि आवेदन लगने के साथ ही रिसिप्ट के रूप में निराकरण की तारीख भी आवेदक को मिल जाती है। इस कारण अब जो भी प्रकरण लगता है वह पांच-सात दिन में हल हो जाता है। पिछले साल 12 दिसंबर से इस वर्ष इसी तारीख तक कुल 6125 लोगों ने आईडीए में अपने कार्यों के लिए आवेदन किए। इनमें से 4623 का निराकरण कर दिया। महज 1502 मामले विचाराधीन हैं। आवेदनों की स्थिति


