सिटी रिपोर्टर| दुर्ग इंदिरा मार्केट में पार्किंग स्थल पर खड़े वाहनों से ही ठेकेदार निर्धारित पार्किंग शुल्क वसूलेगा। अन्य स्थानों पर खड़े वाहनों से शुल्क वसूलने और निर्धारित से अधिक शुल्क वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी। ठेका निरस्त किया जाएगा। व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक के दौरान महापौर अलका बाघमार ने विभागीय अधिकारियों को यह निर्देश दिए। बता दें कि शनिवार को इंदिरा मार्केट के व्यापारियों ने कैट के बैनर तले निगम में अवैध पार्किंग वसूली को लेकर प्रदर्शन किया था। जिसके बाद महापौर ने सोमवार को चर्चा करने व्यापारियों को बुलाया था। पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि ठेकेदार निर्धारित स्थल के अलावा अन्य स्थानों पर खड़े वाहनों से भी पार्किंग शुल्क वसूल रहा है। वहीं सामान लेकर आने-जाने वाले वाहनों से भी 200 से 300 रुपए तक पार्किंग के नाम पर वसूली की जा रही है। इस वजह से मालवाहक वाहनों के मालिक अब इंदिरा मार्केट में सामान लाने-ले जाने को लेकर आनाकानी कर रहे हैं। इतना ही नहीं ठेकेदार की ओर से वाहनों की पार्किंग इंदिरा प्रतिमा के आसपास पार्क कराई जा रही है। स्ट्रीट वेंडर को ठेला लगाने जगह उपलब्ध कराकर अवैध वसूली की जा रही है। ग्राहकों से भी अवैध पार्किंग की वसूली किए जाने से कारोबार प्रभावित होने लगा है। व्यापारियों ने मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की। इस पर महापौर बाघमार ने कहा कि ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित स्थल और शुल्क की वसूली करें अन्यथा दोबारा शिकायत मिलने पर ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर व्यापारियों ने दिवाली के समय इंदिरा मार्केट एरिया में सड़क किनारे ठेला खोमचे लगाकर त्योहार के सामान बेचने वालों को शिक्षा विभाग परिसर में जगह उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही इंदिरा मार्केट में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट, पुरुषों के लिए बने टॉयलेट का मेंटेनेंस, बाजार के प्रमुख मार्गों में पर्याप्त रौशनी, बाजार क्षेत्र का नाम और दिशा सूचक होर्डिंग लगाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस चौकी या पुलिस बल तैनात करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल में चेयरमैन अध्यक्ष पवन बड़जात्या, मितेश पटेल, अरुण अग्रवाल, जय पारख, जयंत ताम्रकार और हर्षद पारख शामिल थे।


