गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने अमृतसर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया है। विश्वविद्यालय ने एक गांव को गोद लेकर उसे मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। शनिवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी, विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल और डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी समेत कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक में राहत उपायों और प्रभावित गांवों में बुनियादी ढांचे की बहाली पर चर्चा हुई। जीएनडीयू के रजिस्ट्रार डॉ. के.एस. चहल ने बताया कि कुलपति डॉ. कर्मजीत सिंह के नेतृत्व में गोद लिए गए गांव को अन्य गांवों के लिए आदर्श बनाया जाएगा। राष्ट्रीय सेवा योजना की टीम ने प्रशासन से अधिक प्रभावित गांव आवंटित करने का अनुरोध किया है। विश्वविद्यालय ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें शिक्षक, गैर-शिक्षण स्टाफ, अधिकारी संघ और छात्रों की एक कार्य समिति बनाई गई है। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने राहत कार्यों के लिए एक दिन का वेतन दान किया है, जो 50 लाख रुपए से अधिक है।


