छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी नगर में महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। नगर पंचायत के दो स्वयं सहायता समूह – रोशनी और चंचल से जुड़ी 20 महिलाएं साल और सरई के पत्तों से दोना-पत्तल बना रही हैं। इन दोना-पत्तलों की मांग स्थानीय होटल, दुकानों और हाट-बाजारों में अच्छी है। त्योहार, पूजा-पाठ और सामाजिक कार्यक्रमों में इनकी विशेष मांग रहती है। कम कीमत और पर्यावरण अनुकूल होने के कारण ये तुरंत बिक जाते हैं। कुसमी नगर पंचायत के सीएमओ अरविन्द कुमार विश्वकर्मा के अनुसार, सरकार इस तरह के रोजगारपरक प्रयासों को पूरा सहयोग दे रही है। समूह की महिलाएं अब और भी महिलाओं को इस काम से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि इस काम से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। वे मानती हैं कि हर महिला को कुछ न कुछ काम करना चाहिए। इससे वे खुद और अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर सकती हैं।


