छत्तीसगढ़ के धमतरी में साहित्य जगत के दिग्गज कवि सुरजीत नवदीप का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे 11 सितंबर से धमतरी के उपाध्याय नर्सिंग होम में भर्ती थे, जहां सोमवार की रात उन्होंने अंतिम सांस ली। सुरजीत नवदीप का जन्म 1 जुलाई 1937 को वर्तमान पाकिस्तान स्थित मंडी भवलदीन, पंजाब में हुआ था। उन्होंने एमए हिंदी के साथ बीएड और सीपीएड की उपाधियां प्राप्त की। वे छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सदस्य रहे और धमतरी हिंदी साहित्य समिति के संरक्षक थे। अपनी विशिष्ट काव्य शैली के लिए प्रसिद्ध नवदीप ने 10 हजार से अधिक मंचों पर काव्य प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने 8 काव्य संग्रह की रचना की। हास्य और व्यंग्य की सहज शैली में गंभीर सामाजिक मुद्दों को प्रस्तुत करना उनकी विशेषता थी। वे समाज की विसंगतियों पर गंभीर चिंतन करते और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मंगलवार को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी शामिल हुए। धमतरी के साहित्यिक समाज में उन्हें बौद्धिक अभिभावक और नैतिक संरक्षक के रूप में याद किया जाता है। उनके निधन से न केवल धमतरी बल्कि पूरे प्रदेश का साहित्यिक समाज शोकाकुल है।


