चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जीएसटी रिफॉर्म्स नेक्स्ट जेन-2 को एक ऐतिहासिक और आमजन के हित में लिया गया बड़ा फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इस फैसले ने देश के गरीबों, किसानों, मध्यम वर्गीय परिवारों और व्यापारियों को एक साथ राहत देने का काम किया है। सांसद ने कहा कि इस साल आप देश के किसी भी कोने में हों, समृद्धि आपके दरवाजे पर दस्तक देगी। 22 सितंबर से यह नया जीएसटी सिस्टम लागू हो जाएगा और यह नवरात्रि और दीपावली जैसे पावन अवसरों पर देशवासियों के लिए एक सुंदर तोहफा साबित होगा, जो न केवल लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। सांसद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से टैक्स प्रणाली में आमूलचूल बदलाव किए हैं, वह केवल एक नीतिगत सुधार नहीं है, बल्कि यह भारत की आर्थिक मजबूती और आम जनता की समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से लेकर अब तक टैक्स सुधार की बातें कई बार हुई हैं, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि टैक्स प्रणाली को सरल, व्यवहारिक और आमजन के लिए लाभदायक बनाया गया है। यह बदलाव न केवल व्यापारियों के लिए, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए राहत भरा है। सांसद जोशी ने बताया कि पहले जीएसटी के चार टैक्स स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत होते थे, जिससे लोगों को समझने और लागू करने में कठिनाई होती थी। लेकिन अब इन्हें सिर्फ दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत में बदल दिया गया है। इस बदलाव से टैक्स प्रणाली आसान होगी, व्यापारियों को हिसाब-किताब में सुविधा होगी और उपभोक्ताओं को भी सस्ते दामों पर चीजें मिलेंगी। इससे व्यापार में पारदर्शिता आएगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। सांसद ने कहा कि अब घरेलू उपयोग की वस्तुएं, जैसे खाद्य सामग्री, दवाइयां, मेडिकल ऑक्सीजन, चश्मे और खेल के सामान आदि को 5 प्रतिशत या उससे कम टैक्स के दायरे में रखा गया है। वहीं दूसरी ओर ऑटोमोबाइल, फ्रीज और एसी जैसे महंगे सामानों पर भी पहले की तुलना में कम टैक्स लगेगा। पहले इन पर 18 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स देना पड़ता था, लेकिन अब टैक्स घटाने से आम आदमी को 50 हजार से डेढ़ लाख रुपए तक का सीधा फायदा होगा, खासकर जब वे बाइक या कार खरीदते हैं। किसानों के लिए भी यह सुधार एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब ट्रैक्टर, टायर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और अन्य कृषि उपकरण भी केवल 5 प्रतिशत टैक्स श्रेणी में आ गए हैं। इसका मतलब है कि खेती करने में लगने वाली लागत कम हो जाएगी और किसान को सीधा लाभ मिलेगा। यह न केवल कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। साथ ही एमएसएमई सेक्टर को भी इस सुधार से ताकत मिलेगी, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को राहत मिलेगी और वे और तेजी से आगे बढ़ सकेंगे। सांसद जोशी ने यह भी कहा कि टैक्स कम होने से आम जनता की क्रय शक्ति (खरीदने की ताकत) बढ़ेगी। जब लोग ज्यादा चीजें खरीद पाएंगे, तो बाजार में मांग बढ़ेगी, कंपनियों को उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा और इसके चलते रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत का सपना और मजबूत होगा। सांसद ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा “नेशन फर्स्ट” को प्राथमिकता दी है। 2014 से पहले अलग-अलग राज्यों की अलग टैक्स नीति के कारण व्यापारियों और उद्योगों को बहुत परेशानी होती थी। लेकिन अब पूरे देश में एकीकृत टैक्स प्रणाली लागू हो चुकी है, जिससे व्यापार करना आसान हो गया है। यह एक बड़ी सोच का नतीजा है, जो देश को एकजुट करने के साथ-साथ सभी वर्गों को राहत देने का काम कर रही है।


