बड़वानी के सेंधवा में एक महिला अपने दो बच्चों के साथ कुएं में कूद गई। हादसे की जानकारी जब महिला के पिता को लगी तो उन्होंने कुएं में कूदकर उसे बचा लिया। तब उसने बच्चों को भी फेंकने की बात बताई। घटना पिपलिया डेब गांव में मंगलवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच की है। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। चाचरिया चौकी प्रभारी केशव यादव ने बताया कि महिला नीरमा बाई (पति विकास) अपने दो बच्चों अरविंद (7 साल) और रवीन (6 साल) के साथ सोमवार को बीमारी का बहाना बनाकर अपने मायके आई थी। पिता से बोली- बच्चों को भी कुएं में फेंका
नीरमा मंगलवार सुबह ही घर से कुछ दूर एक खेत में बने कुएं में कूद गई। पिता ने बेटी को कुएं से बाहर निकालकर बचाया, तब उसने बताया कि बच्चों को भी कुएं में फेंका है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। महिला कुएं में क्यों कूदी? पुलिस पूछताछ में भी उसने कुछ नहीं बताया है। भाई मायके से बहन-भांजों को लाया था
महिला के भाई राजेश पिता गेंदराम ने बताया कि सोमवार को उसकी बहन ने बीमार होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वो अपने दोनों भानजे और बहन को लेकर पिपलिया डेब आ गया थे। बहन और जीजा का मूल गांव वरला थाना क्षेत्र का मालवन गांव है। कुछ साल से मायके से करीब 15 किमी दूर कुसमी गांव में जीजा और बहन किराना दुकान चलाकर वहीं रहते थे।


