मलेरिया से बचाव के लिए 1800 छात्रों और करीब 40 टीचरों को दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान जिला मास मीडिया एवं सूचना अधिकारी परमिंदर सिंह और जिला बीसीसी को-ऑर्डिनेटर बरजिंदर सिंह बराड़ ने छात्रों को बताया कि बरसात का पानी अक्सर गलियों, छतों, खाली प्लॉटों और गमलों में जमा हो जाता है, जो मच्छरों के पनपने का कारण बनता है। मच्छरों के काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं। डेंगू में तेज बुखार, शरीर में दर्द और प्लेटलेट्स की कमी, मलेरिया में बुखार और कंपकंपी, वहीं चिकनगुनिया में तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होने लगता है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी से डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां भी फैलती हैं, जिनमें उल्टी, दस्त, पेट दर्द, आंतों के रोग और हेपेटाइटिस जैसे खतरे बढ़ जाते हैं। लोगों को अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। भास्कर न्यूज़| लुधियाना सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर की अगुवाई में जिले भर में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आम लोगों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को लगातार जानकारी दी जा रही है। डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, डायरिया, टायफाइड और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग के मास मीडिया विंग ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेखेवाल में 1800 छात्रों और करीब 40 टीचरों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि यह मुहिम जिले में लगातार जारी रहेगी। कूलर, टंकियां, गमले और छत पर जमा पानी को हफ्ते में कम से कम एक बार खाली करके सुखाना जरूरी है। पीने का पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर करके इस्तेमाल करना चाहिए और बाहर खुले या गंदे वातावरण में तैयार खाना खाने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि अगर किसी को तेज बुखार, दस्त, उल्टी, शरीर दर्द या अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डिस्पेंसरी में जाकर डॉक्टर से जांच और इलाज करवाना चाहिए। इस मौके पर स्कूल के प्रिंसिपल नरेश कुमार समेत अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।

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