कारोबारी बोले-एक ही सप्लायर से आयात पर हर बार बैंक गारंटी देना अनावश्यक

भास्कर न्यूज | लुधियाना चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स सीआईसीयू के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा के नेतृत्व में दिल्ली जोन के मुख्य आयुक्त सीमा शुल्क (प्रिवेंटिव) संजय गुप्ता से मुलाकात की। यह बैठक कस्टम्स कमिश्नरेट कार्यालय के दौरे के दौरान आयोजित की गई। बैठक में कस्टम्स कमिश्नर लुधियाना नसीम अरशी सहित कई वरिष्ठ उद्योगपतियों और निर्यातकों ने भाग लिया। सीआईसीयू अध्यक्ष आहूजा ने बताया कि सीआईसीयू पंजाब के एसएसएमई और बड़े निर्यातकों का प्रमुख प्रतिनिधि निकाय है, जो व्यापार सुगमता, नीतिगत समर्थन और उद्योग विकास के लिए काम करता है। नरेंद्र चुग ने बताया कि पोर्ट्स पर ईजीएम(एक्सपोर्ट जनरल मैनिफिस्ट) फाइलिंग में देरी से निर्यातकों को समस्याएं होती हैं। उन्होंने कस्टम्स अधिकारियों से ऐसे मामलों में शो कॉज नोटिस जारी करने की बजाय सरल पत्राचार के माध्यम से जानकारी मांगने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ही सप्लायर से आयात पर हर बार बैंक गारंटी देना अनावश्यक है। उन्होंने एक स्पष्ट एसओपी(स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोड्यूसर) की मांग की जिससे सिस्टम अलर्ट से वित्तीय बोझ न बढ़े। सीआईसीयू ने सुझाव दिया कि एक बार सत्यापित होने के बाद, एक ही खरीदार-सप्लायर के बीच बार-बार के लिए बैंक गारंटी न ली जाए। सरवजीत सिंह ने तेज क्लियरेंस मैकेनिज्म की मांग की ताकि पोतों की समय सीमा पूरी की जा सके और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़े। प्रमुख उपस्थित सदस्यों में पद्मश्री ओंकार सिंह पाहवा, हनी सेठी, अंकुर गर्ग, विनोद शर्मा , राम लुबाया, जेएस भोगल, गौतम मल्होत्रा और विनोद कुमार शामिल थे। कस्टम्स कमिश्नर नसीम अरशी ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। मुख्य आयुक्त संजय गुप्ता ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इन्हें उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने पारदर्शिता, व्यापार प्रोत्साहन और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के संकल्प को दोहराया। आहूजा ने बैठक के अंत में मुख्य आयुक्त का आभार जताते हुए विश्वास दिलाया कि सीआईसीयू और निर्यातक समुदाय कस्टम विभाग के साथ मिलकर भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करने के लिए कार्य करता रहेगा। कस्टम्स कमिश्नरेट कार्यालय के दौरे के दौरान बैठक आयोजित की गई।

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