सूर्या एनक्लेव के 7 एकड़ पार्कों को बचाने के लिए सोसायटी एकजुट

भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर नगर सुधार ट्रस्ट की कॉलोनियों की वेलफेयर सोसायटियों की जॉइंट एक्शन कमेटी ने सूर्या एनक्लेव के गेट के पास बने कुल 7 एकड़ के दो पार्कं को बचाने के लिए मंगलवार को आवाज बुलंद की। फैसला लिया गया कि सभी सूर्या एनक्लेव, गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू और महाराजा रणजीत सिंह एवेन्यू में पार्क बचाएंगे। इससे पहले सूर्या एनक्लेव वेलफेयर सोसायटी जालंधर की अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रही है। सोसायटी ने नेशनल हाईवे के साथ लगते दोनों पार्कों के मिक्स कॉमर्शियल इस्तेमाल को रोकने को स्टे मांगा था। ये याचिका खारिज हो गई थी। मंगलवार को सोसायटी ने ये मामला इलाके की जॉइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों में रखा गया। डीएवी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एमएल ऐरी की अगुवाई में हुई मीटिंग के दौरान फैसला लिया गया कि पार्कों की जमीन को मिक्स्ड कॉमर्शियल उपयोग के लिए बिकने नहीं दिया जाएगा। ऐरी ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा हम सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। सोसाइटी प्रधान एवं जॉइंट एक्शन कमेटी सदस्य राजीव धमीजा ने कहा कि वे कमेटी के सभी सदस्यों के साथ मौजूदा सरकार के उच्च अधिकारियों, चेयरमैन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली से भी संयुक्त रूप से आग्रह करेंगे कि इस भूमि को केवल पार्क या ग्रीन बेल्ट के रूप में ही विकसित किया जाए। फैसला लिया गया कि न्याय के लिए सेशन कोर्ट में अपील दायर करेंगे। यहां पूर्व कर्नल वीके शर्मा, पूर्व इंजीनियर सतिंदर महाजन, दोआबा कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप भंडारी, रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर डॉ. केसी कुंडल, डॉ. रमेंद्र सिंह, प्रो. जोगिंदर सिंह, प्रमोद बांसल, रौशन लाल शर्मा, राजन महेंद्र व विकास लखानी उपस्थित थे। कांग्रेस ने बनाई थी पार्क बेचने की योजना, आप ने आगे बढ़ाई पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा साल 2018 में सूर्या एनक्लेव के दो पार्कों की सरकार से मिक्स कॉमर्शियल इस्तेमाल हेतु बेचने की मंजूरी ले ली थी। जिसको बेचने हेतु जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा इन पार्कों की रिजर्व कीमत 145 करोड़ रख कर 7 फरवरी 2019 में अखबार में इ​िश्त​हार देकर ट्रस्ट कार्यालय में खुली बोली रखी गई थी जिसमें एक पार्क में पेट्रोल पंप साइट भी बेचने हेतु रिजर्व कर ली गई हैं। मामला तत्कालीन विधायक राजेंद्र बेरी के पास गया लेकिन ट्रस्ट अपने रवैए पर ​अड़िग रहा। फिर सोसायटी सदस्यों ने ट्रस्ट ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन करके इस बोली को रद्द करवाया था। ट्रस्ट द्वारा इन पार्कों की दो बार बोली रखी गई थी। कांग्रेस सरकार की योजना को नई प्रदेश सरकार ने भी आगे बढ़ाया। इस लिए अब नए सिरे से आप लीडरशिप से मुलाकात करेंगे।

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