भास्कर न्यूज | जालंधर घरों में आ रहीं दरारें, दीवारों और फर्श से रिसता पानी, सीलन से बदबू और खराब हो रहा घर का सामान…ये हालात शहर के अंदरूनी हिस्से में बसे कल्लोवानी मोहल्ले के हैं। यहां 100 वर्ष पुरानी इमारतें लोगों के लिए खतरा बन चुकी हैं। यह पूरी जर्जर हो चुकी हैं। दीवारों में पेड़ उगने लगे हैं, जो इन्हें खोखला कर रहे हैं। एक इमारत दूसरी तरफ झुक गई है, जिससे सटे मकानों को नुकसान पहुंचा है। मोहल्ले में तकरीबन 150 परिवार रहते हैं। लोगों ने बताया कि ‘यहां खाली प्लॉट जंगल हो चुके हैं। भारी बारिश ने हालात और बिगाड़े। जिस व्यक्ति की ये इमारतें और प्लॉट हैं, उनसे कई बार इन्हें ठीक कराने के लिए कहा गया, लेकिन हर बार जवाब मिलता कि सही करा देंगे। बीते 5-6 वर्षों से यह समस्या है। पहले तो इमारत के मालिक इसमें नियमित साफ-सफाई करा देते थे, लेकिन बाद पेड़ों की कटाई-छटाईं बंद कर दी। इसकी शिकायत पार्षद विकास तलवाड़ से बीती नौ सितंबर को की। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कभी भी जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। निगम कमिश्नर को समस्या बताई है : पार्षद ^ लोगों ने समस्या के संबंध में मुझे पत्र दिया था, जिसे मैंने निगम कमिश्नर को सौंपा है। उन्हें समस्या के बारे में बताया है। यह केवल एक मोहल्ले की समस्या नहीं, पूरे शहर की है। कमिश्नर ने बोला है कि इसे देखेंगे। विकास तलवाड़, पार्षद, वार्ड-26


