भास्कर न्यूज| अमृतसर स्वास्थ्य विभाग अमृतसर की ओर से मंगलवार को सिविल सर्जन कार्यालय में गर्भवती माताओं की मृत्यु के मामलों की समीक्षा पर एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से गर्भवती माताओं की सुरक्षा, समय पर पंजीकरण और प्रसवपूर्व जांच की महत्ता पर विस्तार से चर्चा हुई। सिविल सर्जन डॉ. स्वर्णजीत धवन ने कहा कि यदि गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और आवश्यक जांचें सही समय पर कराई जाएं, तो प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों को इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। इस अवसर पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम भगत ने बताया कि गर्भवती माताओं की सही समय पर पहचान और उनके जोखिम स्तर का मूल्यांकन करना बहुत जरूरी है। उच्च जोखिम वाले मामलों को विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास समय रहते भेजकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु रोकने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका अहम है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जागरूकता अभियान तेज़ किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाएं पंजीकरण और जांच प्रक्रिया में हिस्सा लें।


