अमृतसर| पंजाब सरकार की ओर से पंचायतों के बैंक खातों में फंड ट्रांसफर किए जाने के फैसले से गांवों के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं। बैंक खातों के सक्रिय न होने के चलते मजदूरों की दिहाड़ी, निर्माण सामग्री के भुगतान और अन्य आवश्यक खर्चों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके कारण अधिकांश कार्य अधूरे रह गए हैं और गांवों में विकास की रफ्तार थम गई है। इस समस्या को लेकर पंचायत यूनियन माझा के प्रधान एवं सरपंच सुखराज सिंह रंधावा ने अमृतसर की डीसी साक्षी साहनी से तात्कालिक हस्तक्षेप की मांग की है। न्होंने कहा कि खातों के ठप होने से पंचायतें आर्थिक संकट में फंस गई हैं और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पंचायतों के खाते जल्द से जल्द सक्रिय कराए जाएं, ताकि रुके हुए विकास कार्य पुनः शुरू हो सकें। उन्होंने कहा कि यदि मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिला तो उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।


