भारतीय जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम आज वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक्शन में होंगे। जापान के टोक्यो में खेली जा रही इस चैंपियनशिप में नीरज और नदीम को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है। नीरज ग्रुप-A में हैं, वहीं नदीम ग्रुप B में हैं। यानी दोनों खिलाड़ी एक समय में थ्रो नहीं करेंगे। फाइनल गुरुवार को खेला जाएगा। दोनों स्टार एथलीट पेरिस ओलिंपिक के बाद पहली बार एक इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं। नीरज डिफेंडिंग वर्ल्ड चैंपियन हैं। उन्होंने 2023 में हंगरी में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में 88.17 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड जीता था। वहीं, अरशद डिफेंडिंग ओलिंपिक चैंपियन हैं। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक में 92.97 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड जीता था। तब नीरज ने सिल्वर जीता था। इस स्टेडियम में ओलिंपिक गोल्ड जीत चुके हैं नीरज
जेवलिन थ्रो इवेंट टोक्यो के जापान नेशनल स्टेडियम में हो रहा है। इसी स्टेडियम में नीरज ने 2020 टोक्यो ओलिंपिक का गोल्ड जीता था। तब उनका बेस्ट थ्रो 87.58 मीटर का रहा था। अरशद उस इवेंट में 84.62 मीटर थ्रो के साथ पांचवें नंबर पर रहे थे। 90 मीटर का बैरियर तोड़ चुके हैं नीरज
नीरज पिछले साल तक करियर में कभी 90 मीटर या इससे ऊपर का थ्रो नहीं कर पाए थे। इस साल फरवरी में दोहा डायमंड लीग में पहली बार वे 90 मीटर पार करने में सफल हुए थे। तब उन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो फेंका था। सर्जरी के बाद पहली बार उतरेंगे नदीम
अरशद नदीम ने इसी साल जुलाई में दाएं पैर की पिंडली (Calf muscle) की सर्जरी कराई थी। सर्जरी इंग्लैंड में हुई थी। इसी वजह से उन्होंने जुलाई में हुई डायमंड लीग में हिस्सा नहीं लिया था। नदीम इस साल पेरिस ओलिंपिक के बाद सिर्फ एक इवेंट में शिरकत कर पाए हैं। उन्होंने पिछले साल मई में कोरिया में हुई एशियन चैंपियनशिप में 86.40 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता था। गोल्ड के दावेदार और भी हैं
ऐसा नहीं है कि सिर्फ नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम ही इस बार गोल्ड के दावेदार हैं। जर्मनी के जुलियन वेबर इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने नीरज को पछाड़कर जुलाई में हुई डायमंड लीग का खिताब जीता था। दो बार के वर्ल्ड चैंपियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स और पूर्व ओलिंपिक चैंपियन त्रिनिदाद एंड टोबैगो केशहॉर्न वाल्कॉट भी गोल्ड की रेस में होंगे। जापान के युता साकियामा 87.16 मीटर की सीजन बेस्ट परफॉर्मेंस के साथ होड़ में हैं। फाइनल में 12 एथलीट्स एंट्री करेंगे
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84.50 मीटर है। यानी इस दूरी को पार करने वाले एथलीट्स फाइनल में जगह पक्की कर लेंगे। फाइनल में कम से कम 12 एथलीट्स तो जरूर रहेंगे, यानी 9 या 10 एथलीट्स ही अगर 84.50 मीटर मार्क को पार कर पाए तो टॉप-12 पोजिशन पर रहने वाले बाकी एथलीट्स भी फाइनल में पहुंच जाएंगे। दूसरी ओर, अगर दोनों ग्रुप में 12 से ज्यादा एथलीट्स ने 84.50 मीटर से ज्यादा दूरी का थ्रो फेंक दिया तो सभी को फाइनल में एंट्री मिल जाएगी। 37 एथलीट्स को 2 ग्रुप में बांटा गया है, नीरज के ग्रुप में 19 एथलीट्स हैं। वहीं अरशद के ग्रुप में 18 थ्रोअर हैं। क्वालिफाइंग राउंड में सभी एथलीट्स को अपना बेस्ट थ्रो फेंकने के लिए 3 मौके मिलेंगे, इनमें उनका बेस्ट थ्रो ही काउंट होगा।


