विदिशा नगर पालिका परिषद में दुकान टेंडर विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। खरीफाटक निवासी वसीम अंसारी ने भाजपा पार्षदों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर स्पष्ट किया कि उनके नाम से फर्जी आवेदन दिया गया है। इससे पहले सोमवार को कलेक्टर को दिए गए शिकायती आवेदन में पार्षद अरुणा मांझी पर आरोप लगाया गया था। आवेदन में कहा गया था कि मांझी ने नगरपालिका की पीतल मिल स्थित दुकान अपने पति डॉ. पीसी मांझी के नाम पर दिलवाई है। डॉ. मांझी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। यह आवंटन नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 का उल्लंघन बताया गया था। वसीम अंसारी ने कहा कि उन्होंने कोई शिकायती आवेदन नहीं दिया है। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष पति राकेश शर्मा और उनके समर्थक पार्षदों पर उनके नाम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। फर्जी आवेदन में उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। पार्षद अरुणा मांझी ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि दुकान 2021-22 में टेंडर प्रक्रिया से ली गई थी। उस समय वे परिषद में नहीं थीं। मांझी ने बताया कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें दबाया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति राकेश शर्मा पर करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप हैं। वसीम अंसारी ने बताया कि उन्हें इस मामले में चुप रहने की धमकी मिली है।


