चंडीगढ़ सेक्टर-24 में पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा में हुए 22 करोड़ रुपए के हाउसिंग लोन घोटाले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने पूर्व बैंक मैनेजर राजिंदर सिंह कलसी समेत तीन लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई 5 दिसंबर से शुरू करने का आदेश दिया है। यह घोटाला साल 2012 में सामने आया था। उस समय बैंक के वार्षिक निरीक्षण में गड़बड़ी का पता चला। बैंक के तत्कालीन सीनियर मैनेजर कमलजीत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि राजिंदर सिंह कलसी ने करण ठाकुर और सोनिया ठाकुर के साथ मिलकर 116 फर्जी हाउसिंग लोन जारी किए, जिनकी कुल राशि 22 करोड़ रुपए थी। आरोप है कि उन्होंने फर्जी नाम और पते पर लोन स्वीकृत करवाए और फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया। इस घोटाले से बैंक को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। ईडी ने 11 साल बाद दाखिल किया आरोप पत्र
साल 2012 में सेक्टर-11 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू की। लंबी जांच के बाद ईडी ने सितंबर 2023 में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। इसी आरोप पत्र के आधार पर मंगलवार को अदालत ने आरोप तय कर दिए।


