कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलगुरु ने जो बयान दिया है उससे लगता है कि वो माओवादियों से प्रभावित है, इस तरह का आचरण करने वाले कुलगुरु को बर्खास्त करना चाहिए। एक वीसी पहले भी यहां आया था जो गुलाबचंद कटारिया को जूते की माला पहनाने की बात कहीं, उनका क्या हाल हुआ सबको पता है। खराड़ी से जब विश्वविद्यालय में मचे पर बवाल पर कहा- कुलगुरु अपने आप को यह समझती है कि मै इतिहास की जानकार हूं। इतिहास को उनको पढ़ना चाहिए। औंरगजेब सबसे अच्छा प्रशासक था तो वह क्या कर रहा था उनको नहीं पता क्या। खराड़ी ने कहा हमारे यहां एक हाथ में तलवार एक हाथ में कुरान। या तो कुरान स्वीकार करो या तो गर्दन कटेगी, ऐसे में क्या वह अच्छा प्रशासक था। अच्छा प्रशासक देखना है तो मेवाड़ में राणा सांगा को देखना चाहिए। ढाई अक्षर है उनका लेकिन उन्होंने मेवाड़ में सबसे अच्छा शासन दिया। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी कर वह किससे प्रभावित है, मुझे लगता है कि कहीं न कहीं वह माओवादियों से प्रभावित है। हमारे पुरखों का इतिहास को पढ़ना चाहिए, इस मामले में उदयपुर वासियों में आक्रोश है। मैंने आक्रोशित स्टूडेंट को समझाया कि कानून हाथ में नहीं ले। हम सरकार से कहेंगे कि इनका आचरण सही नहीं है। इतिहास हम भी पढ़ते है ये सामने आ जाएंगे और बहस कर ले और साबित कर दें तो हम मानेंगे। कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहीं ये 4 बडी बातें…
1. भगवान राम का इतिहास इनको पता नहीं
खराड़ी ने कहा- भगवान राम का इतिहास नहीं पता, क्या शेर और बकरी एक ही घाट पर पानी पीते थे, क्या सभी को हर तरह की आज़ादी थी, क्या उन्हें वो इतिहास नहीं पता। हो सकता है वो ज़्यादा पढ़ी-लिखी हों, हम कम पढ़े-लिखे हों, आगे आने पर पता चल जाएगा। मैंने सरकार को बता दिया है। मैं सीएम से भी बात करूंगा, राज्यपाल को भी बताऊँगा। जब राज्यपाल कोटड़ा आए थे, तब कुछ छात्रों ने उन्हें ज्ञापन देकर कहा था कि उनका आचरण ठीक नहीं है। 2. आदिवासी बच्चों के साथ मारपीट और गाली गलोज की
मंत्री ने कहा कि इनके खिलाफ कई शिकायतें आई हैं। कुलपति ने आदिवासी बच्चों को पीटा और उनके साथ गाली गलोज किया। मैंने तो यह भी सुना है कि वह अपने कुत्तों की देखभाल के लिए बच्चों को काम पर रखती हैं। सरकार को हम भी कहेंगे कि बर्खास्त करो। 3. वीसी ने जो बोला है, वह पढ़े लिखे की भाषा नहीं
खराड़ी ने कहा कि एक वीसी पहले थे प्रो अमरीका सिंह वे गुलाबचंद कटारिया के लिए कहते थे कि जूते की माला पहनाएंगे। पहना दी क्या, उनके क्या हालात हुए सबके सामने है। लोकतंत्र में लोकतंत्र की तरह की भाषा बोलनी चाहिए। वीसी ने जो बोला है, वह पढ़े लिखे की भाषा नहीं है। 4. कांग्रेस के पास जनता का कोई मुद्दा नहीं है
विधानसभा में कैमरे लगने के मामले पर मंत्री बोले कि कैमरे किसी बेडरूम में नहीं लगे, वे सदन के हाल में लगे जहां पर सदन की कार्रवाई चलती है। पहले से कैमरे लगे थे और ये जो लगाए ये हाई क्वालिटी के है। लोकसभा में दर्शक दीर्घा से एक बार एक जना कूद गया ऐसी घटना नहीं हो, निगरानी के लिए लगाए है। कांग्रेस के पास जनता का कोई मुद्दा नहीं है इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं। जनता का कोई मुद्दा उन्होंने उठाया नहीं। वे कभी टोपी पहन कर आ जाते, कभी जैकेट, उससे जनता का भला नहीं होना है। जनता के लिए मुद्दे उठाने चाहिए। इस प्रकार मात्र नाटक किया है।


