राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के झुंझुनूं डिपो ने आय, संचालन क्षमता और किलोमीटर लक्ष्य जैसे मानकों अगस्त 2024 की तुलना में 36 लाख की अतिरिक्त कमाई के साथ कई बड़े डिपो को पीछे छोड़ दिया है। यह सफलता तब हासिल हुई, जब डिपो के पास बसों और कर्मचारियों की सीमित संख्या थी। बावजूद इसके, यात्रियों और कर्मचारियों को अब तक नई बसों का लाभ नहीं मिल पाया है। झुंझुनूं डिपो को 36 लाख की एक्स्ट्रा आय डिपो के चीफ मैनेजर गिरिराज स्वामी के अनुसार, अगस्त 2024 की तुलना में इस बार 36 लाख की अतिरिक्त आय हुई है। यह आय किसी भी रियायत योजना के बिना अर्जित की गई है, जो कर्मचारियों की मेहनत को दर्शाती है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने सीमित साधनों के साथ भी पूरे प्रदेश में अव्वल दर्जा हासिल किया है। 19 बसें कॉन्ट्रैक्ट पर झुंझुनूं डिपो ने राजस्व अर्जन, संचालन क्षमता और किलोमीटर लक्ष्य, हर मामले में रिकॉर्ड कायम किया है। जहां दूसरे कई डिपो लक्ष्य पूरा करने में पीछे रह गए, वहीं झुंझुनूं ने सीमित साधनों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। डिपो के पास कुल 80 बसें हैं, जिनमें से 79 नियमित रूप से रूटों पर चल रही हैं। इनमें से 19 बसें कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। कम बसों के बावजूद, सभी गाड़ियां पूरी तरह से भरी रहती हैं, जिससे निगम की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। ब्लू लाइन बसों के इंतजार में डिपो डिपो प्रशासन ने नई बसों के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन यह अभी भी सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। हाल ही में, कई जिलों के डिपो को ब्लूलाइन और आधुनिक बसें मिल चुकी हैं, जबकि झुंझुनूं अभी भी इंतजार में है। कर्मचारियों और यात्रियों का कहना है कि जब अन्य डिपो को बसें दी जा रही हैं, तो झुंझुनूं को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? उनका मानना है कि अगर यहां नई बसें मिलें तो राजस्व में और भी तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।


