चारागाह भूमि पर बनी 54 दुकान और दो मकान ध्वस्त:हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, कलेक्टर को शपथ पत्र के साथ व्यक्तिश उपस्थिति के दिए थे निर्देश

दौसा जिले के बैजूपाड़ा थाना क्षेत्र के लोटवाड़ा गांव में चारागाह भूमि पर बनी 54 दुकानों और दो मकानों को सोमवार को बुलडोजर से ध्वस्त करने की कार्रवाई की गई। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंडावर उपखंड प्रशासन द्वारा भारी भरकम पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जहां अतिक्रमणकारियों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस-प्रशासन की समझाइस के बाद शांत हो गए। दरअसल, चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा कलेक्टर से शपथ पत्र देने के निर्देश दिए थे, अन्यथा 10 जनवरी को कलेक्टर को व्यक्तिश कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। इस दौरान मंडावर एसडीएम अमित वर्मा, बैजूपाड़ा तहसीलदार प्रकाश चंद्र मीणा सहित चार पुलिस थानों का जाप्ता और पुलिस लाइन का अतिरिक्त जाप्ता मौके पर पहुंचा। जहां चारागाह भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर बोई हुई फसल को भी ट्रैक्टरों से नष्ट किया गया। साथ ही जेसीबी द्वारा दुकानों और मकानों को जमीदोज कर हाईकोर्ट के आदेश की पालना की गई। यहां चारागाह भूमि पर अतिक्रमणकारियों का पिछले लंबे समय से अवैध कब्जा था और दुकानें बनाकर कारोबार कर रहे थे। जिसकी शिकायत के बाद हाईकोर्ट की सख्ती पर सोमवार को प्रशासन द्वारा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया गया। इससे पूर्व में भी प्रशासन द्वारा तीन बार अतिक्रमण हटाने की कोशिश की, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका था। कलेक्टर को तलब करने के आदेश दिए थे स्थानीय लोग चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए लंबे समय से प्रशासन से गुहार लगा रहे थे। लेकिन प्रशासन द्वारा सुनवाई नहीं होने पर लोगों ने हाईकोट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट द्वारा वर्ष 2021 में तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटा। इस पर कोर्ट में फिर से मामले की सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चारागाह जमीन से अतिक्रमण हटाकर कार्रवाई का ब्यौरा कलेक्टर शपथ पत्र सहित पेश करे। यदि ऐसा नहीं होता है कलेक्टर 10 जनवरी को कोर्ट में पेश होकर यह बताए किए उन्होंने आदेशों की पालना क्यों नहीं करवाई। इस बार हाईकोर्ट की नाराजगी व सख्ती के बाद बैजूपाड़ा तहसील प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार ने तीन दिन पहले चारागाह पर बनी इन 54 दुकानों पर चोटिस चस्पा कर 29 दिसंबर की शाम तक दुकानों को खाली कर स्वयं ही अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। इसके बाद 30 दिसंबर को प्रशासन यहां से अतिक्रमण हटा देगा। इसके बाद सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया

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