इंदौर क्राइम ब्रांच ने टीम ने 25 लाख रुपए के 115 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले। ये वो फोन हैं, जिन्हें बदमाश छीनकर कर ले गए, चोरी हो गए या गुम गए थे। इनकी शिकायत लोगों ने सिटीजन कॉप एप्लीकेशन पर की थी। इन मोबाइलों को मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र से बरामद किया गया। किश्तों पर खरीदा फोन, ई-रिक्शा से निकाल ले गए दीपक भूरिया ने बताया- मैं ई-रिक्शा चलाता हूं। एक महीने पहले छत्रीपुरा इलाके में रिक्शा चलाने के दौरान किसी ने उन्हें रोका और बात करने लगे। इस बीच बदमाश उनकी रिक्शा से मोबाइल फोन चुरा ले गया था। दीपक ने बताया- मैंने 12 हजार रुपए का ये मोबाइल किश्तों पर लिया था। किश्त पूरी होते ही मोबाइल भी चोरी हो गया था। इसके बाद दूसरा फोन खरीदना पड़ा था। बेटी ने मोबाइल गुम होने की ऑनलाइन शिकायत की थी। आज उन्हें मोबाइल फोन वापस मिल गया। वे काफी खुश है। रास्ते से छिनकर ले गए थे स्टूडेंट खुशबू सोनी ने बताया कि नवंबर माह में वह विजय नगर क्षेत्र में रोड से जा रही थी। मोबाइल फोन हाथ में था। बाइक सवार दो बदमाश पीछे से आए और मोबाइल छिनकर भाग निकले थे। घटना की शिकायत विजय नगर थाने पर ऑनलाइन की थी। 22 हजार रुपए का मोबाइल फोन केश में लिया था। उम्मीद थी कि मुझे मेरा मोबाइल वापस मिल जाएगा और आज मिल भी गया। दुकान में से ले गया था मोबाइल जूनी इंदौर क्षेत्र में रहने वाले सतीश गुप्ता ने बताया वे ऑर्डर पर खाना बनाने का काम करते है। खाने बनाने के लिए गए हुए थे। दुकान पर बेटी थी, तभी एक व्यक्ति अंदर तक आ गया। बेटी ने टोका तो बोला आधा किलो मिक्चर तोल कर रखो मैं आता हूं। इस दौरान वह मोबाइल लेकर चला गया था। उस वक्त नहीं लगा था कि मोबाइल फोन मिल पाएगा। काफी खुशी है कि मोबाइल फोन मिल गया। सिटीजन कॉप एप्लीकेशन पर मिली शिकायतों को लेकर डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी और एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि हमारी टीमें लगातार काम कर रही है। गुम मोबाइल फोन की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए टीम ने इंदौर सहित देश के विभिन्न शहरों में चल रहे मोबाइल फोन को बरामद किया। 115 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिसमें हजारों रुपए की कीमत के महंगे मोबाइल फोन भी शामिल हैं। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया- 115 मोबाइल को आवेदकों को लौटाया है। कई मोबाइल फोन गुम हो गए थे, चोरी हो गए थे या छीन लिया गया था। इनकी शिकायत उन्होंने लोकल थाने के साथ सिटीजन कॉप एप्लिकेशन पर की थी। इन मोबाइल को सर्च कर टेक्निकल डेटा के आधार पर उन्हें बरामद किया गया। ऐसे कर सकते हैं सिटीजन कॉप पर शिकायत


