खैरागढ़ में भारी बारिश के बावजूद घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। 37 करोड़ रुपए की एक महत्वाकांक्षी पेयजल योजना अधूरी रहने के कारण जिला मुख्यालय के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। मंगलवार को वार्ड नंबर 19 नया टिकरापारा के रहवासियों ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर मटका फोड़ प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ दफ्तर के सामने “नगर पालिका मुर्दाबाद”, “भाजपा सरकार होश में आओ” और “पानी दो या चूड़ी पहन लो” जैसे नारे लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। वार्डवासियों ने बताया कि लगातार शिकायतों के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जुलाई में भी इस संबंध में आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाएं और बच्चे रोजाना पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। योजना के लिए किए गए थे 37 करोड़ रुपए स्वीकृत उनका कहना है कि इस पूरे संकट की जड़ दस साल पुरानी एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके लिए 37 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। इस योजना के तहत छिंदारी डेम (रानी रश्मिदेवी जलाशय) से पाइपलाइन के जरिए पूरे शहर तक पानी पहुंचना था। मंजूरी और बजट मिलने के बाद काम शुरू हुआ था। वार्डवासियों ने बताया लगभग दो साल पहले नगर पालिका ने गलियों और मुख्य सड़कों की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई थी, जिससे लोगों को धूल, गड्ढों और हादसों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आज तक उन पाइपों से पानी की एक बूंद भी नहीं आई है। योजना के अनुसार, पहले डेम से मुख्य पाइपलाइन बिछाई जानी थी। 2 करोड़ 46 लाख रुपए और मंजूर किए गए फिर शहर के भीतर छोटी लाइनें जुड़नी थीं, लेकिन अधिकारियों ने डेम से पानी आने की पुष्टि किए बिना सीधे शहर में पाइप डाल दिए। अब नगर पालिका का कहना है कि पानी छिंदारी डैम से नहीं, बल्कि लालपुर स्टाफ डेम से लाया जाएगा, जिसके लिए अतिरिक्त 2 करोड़ 46 लाख रुपए और मंजूर किए गए हैं। वार्ड के निवासियों ने मोहल्ले में पानी की कमी के साथ-साथ खराब विद्युत खंभे और नालियों की गंदगी को भी बड़ी समस्या बताया। मिशन संडे के संयोजक मनराखन देवांगन ने कहा कि जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर मौन साधे हुए हैं।


