जयपुर के एपेक्स हॉस्पिटल में 15 वर्षीय बच्चे की दुर्लभ रेट्रोकेवल यूरेटर बीमारी की रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यूरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ जैन के नेतृत्व में यह ऑपरेशन डेढ़ घंटे में पूरा हुआ, जिसके बाद मरीज को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि यह एक जन्मजात दुर्लभ बीमारी है, जो लगभग 1100 बच्चों में से एक में पाई जाती है। इसमें उम्र बढ़ने के साथ दर्द और किडनी में सूजन जैसे लक्षण सामने आते हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी खराब होने का खतरा रहता है। इस मरीज के यूरेटर बचपन से ही बड़ी खून की नली (आईवीसी) के नीचे दबी हुई थी, जिससे किडनी पर दबाव और सूजन बनी हुई थी। किडनी को बचाने के लिए रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से यूरेटर को आईवीसी के नीचे से काटकर सही स्थान पर फिर से जोड़ा गया। अस्पताल में किफायती भारतीय निर्मित मॉडर्न रोबोटिक तकनीक का उपयोग कर मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है। ऑपरेशन टीम में डॉ. सौरभ जैन के साथ यूरोलॉजिस्ट डॉ. भानू कौशिक और अन्य नर्सिंग स्टाफ शामिल थे।


