गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को बने पांच साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन यहां पुलिस थानों और चौकियों की संख्या में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। वर्तमान में जिले में तीन थाने और दो पुलिस चौकियां ही संचालित हैं। एक नई चौकी खुली है, जबकि दो स्वीकृत चौकियों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है। जिले के कुछ अंतिम गांवों की दूरी अपने संबंधित थाने से लगभग 50 किलोमीटर तक है। पेंड्रा थाने के अंतर्गत कोडगार और मरवाही थाने के अंतर्गत सिवनी में प्रस्तावित पुलिस चौकियां अभी तक चालू नहीं हो सकी हैं। आखिरी गांव तक पुलिस की पहुंच कम कोडगार गांव के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सालों पहले चौकी प्रस्तावित की गई थी, लेकिन स्थानीय लोग अब भी इस सुविधा से वंचित हैं। उनका तर्क है कि पेंड्रा थाने से आखिरी गांव की दूरी लगभग 50 किलोमीटर होने के कारण पुलिस की पहुंच कम है। जिससे जुआ, शराब और लड़ाई-झगड़े जैसी घटनाओं पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है। पुलिस अधीक्षक एसआर भगत ने बताया कि अभी भवन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसे ही भवन की व्यवस्था होती है, इन चौकियों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।


