कांकेर जिले के चारामा विकासखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके कारण ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। 17 सितंबर को हड़ताल के 31वें दिन, कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के अवसर पर धरना स्थल से रैली निकाली। यह रैली भाजपा कार्यालय पहुंची, जहां कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में भाजपा मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू और अन्य पदाधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। भाजपा पदाधिकारियों ने मांगों पर उच्च स्तर पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से हताश होकर उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से 18 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन का निर्णय लिया है। पब्लिक हेल्थ कैडर की मांग संघ के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र कांगे, डॉ. उपासना खेर, सुशीला नेताम, समीक्षा और दिलीप साहू सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान सरकार ने चुनाव के समय ‘मोदी की गारंटी’ में सभी कर्मचारियों को 100 दिनों में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन इस पर अभी तक कोई पहल नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से NHM कर्मचारी संविलियन सहित क्लीनिकल और मैनेजमेंट दोनों ही वर्गों के लिए पब्लिक हेल्थ कैडर की मांग कर रहे हैं। ये है इनकी मांगें इसके अतिरिक्त, ग्रेड पे, सीआर व्यवस्था में सुधार, ट्रांसफर नीति निर्माण, अनुकंपा नियुक्ति, दुर्घटना राशि में वृद्धि और मेडिकल छुट्टी जैसी मांगों को लेकर भी संघ की ओर से कई वर्षों से लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बिहार में पब्लिक हेल्थ कैडर की व्यवस्था कर्मचारियों ने बताया कि मणिपुर में NHM कर्मियों का नियमितीकरण किया गया है। तमिलनाडु में समयबद्ध रूप से नियमितीकरण होता है और बिहार राज्य में पब्लिक हेल्थ कैडर की व्यवस्था है। जुलाई 2023 में राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि भी प्रदेश के NHM कर्मियों को आज तक प्राप्त नहीं हुई है, जो अत्यंत खेदजनक है।


