चंबल की बाईं मुख्य नहर की केशोरायपाटन ब्रांच के टेल क्षेत्र के किसान धान की फसल बचाने के लिए नहरी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। किसानों के अनुसार इस समय धान की फसल में बालियां निकलने लगी हैं, जिसके लिए पानी की तत्काल आवश्यकता है। किसानों ने आरोप लगाया है कि सीएडी विभाग द्वारा शहरों में पानी छोड़ने को लेकर केवल खानापूर्ति की जा रही है। टेल क्षेत्र की चैन संख्या 955 के नीचे पानी का स्तर इतना कम है कि किसान महंगे दामों पर डीजल इंजन चलाकर भी फसल की सिंचाई करने को लेकर चिंतित हैं। पानी की कमी के कारण उनकी फसल सूखने के कगार पर है। नगर अध्यक्ष रामराम मीणा ने बताया कि लबान उपखंड में धान का रकबा बढ़ा है। उन्होंने सीएडी अधिकारियों से नहर में पानी का गेज बढ़ाने की मांग की। मीणा ने कहा कि इससे बची हुई धान की फसल को बचाया जा सकेगा और सरसों की बुआई की तैयारी भी की जा सकेगी। आजन्दा टेल क्षेत्र के किसानों भेरू सिंह सोलंकी, रमेश गुर्जर, जुगराज गुर्जर, राकेश डिगा, पप्पू सेन और भवानी शंकर गुर्जर ने भी नहर में पानी का गेज बढ़ाने की आवश्यकता जताई है, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके।


