न्यूयॉर्क स्थित प्रमुख समाजसेवी व राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका राना के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने कहा- भारत जैसे देश इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा के क्षेत्रों में उच्चतम स्तर की प्रतिभा उत्पन्न करने का सिद्ध इतिहास रखते हैं। उन्होंने कहा ऐसी प्रतिभा को अमेरिका में कोई खतरा नहीं है। बल्कि ये तो अमेरिका में नवाचार और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ हैं। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के बीच H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर दरार बढ़ रही है। इसी को लेकर राना के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने अमेरिका में काम करने वाले लोगों को समर्थन किया। बोले- अमेरिका में भारतीय अच्छा काम कर रहे उन्होंने कहा- ऐसी अफवाहें अमेरिका में जॉब करने का सपना देखने वाले भारतीयों को हतोत्साहित कर सकती हैं। इससे भविष्य की प्रतिभा को अलग-थलग करने का खतरा है, जो अमेरिका को अनुकूल माहौल नहीं मान सकती। भंडारी ने कहा- भारत से आने वाले युवक अमेरिकी कार्यबल में आ रही कमी को पूरा करते हैं। चाहे सॉफ्टवेयर हों या AI सभी में भारतीय अच्छा काम कर रहे हैं। भारतीयों का अमेरिका आना अमेरिकी लोगों की जॉब पर खतरा नहीं बल्कि उन्हें मजबूत करने का काम करता है। भंडारी ने कहा कि H-1B वीज़ा कार्यक्रम को “आधुनिक और विस्तारित करने की आवश्यकता है, न कि इसे सीमित करने की। वीजा पर ट्रम्प समर्थकों की राय भी आपस में बंटी हुई H-1B वीजा को लेकर ट्रम्प समर्थकों की राय भी आपस में बंटी हुई है। लॉरा लूमर, मैट गेट्ज और एन कूल्टर जैसे ट्रम्प समर्थक खुलकर इस वीजा का विरोध कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि H-1B वीजा से विदेशी लोगों को अमेरिका में नौकरी मिलने मिलेगी और अमेरिकी लोगों की नौकरियां छिन जाएगी। दूसरी तरफ जल्द ही ट्रम्प सरकार में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DoGE) संभालने वाले इलॉन मस्क और विवेक रामास्वामी ने H-1B वीजा का समर्थन किया है। इनका कहना है कि अमेरिका को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए दुनिया के टॉप लोगों को नौकरियों पर रखनी चाहिए।


