टंट्या भील चौराहा भंवरकुआं स्थित पंडित मोतीलाल नेहरू पोस्ट मेट्रिकोत्तर आदिवासी बालक छात्रावास में पूर्व छात्र मिलन समारोह का आयोजन किया गया। छात्रावास से पढ़ाई कर अब कहीं अलग-अलग शहर में शासकीय सेवा दे रहे हैं कर्मचारी। क़रीब 300 से ज्यादा वरिष्ठ शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठजनों द्वारा आदिवासी क्रांतिकारियों तथा अन्य पुरखों सहित सरस्वती माता की नीम के पत्ते तथा ज्वार के दाने, चावल से प्राकृतिक पूजा-अर्चना की गई। तत्पश्चात होस्टल के सभी वरिष्ठजन कनिष्ठजन द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तथा होस्टल के दिवंगत वरिष्ठजन कनिष्ठजन को श्रद्धांजलि स्वरूप मौन धारण किया गया। इसके पश्चात वर्षानुसार वर्ष 1963 से 2024 तक सभी वरिष्ठजन को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। होस्टल के वरिष्ठजन द्वारा वर्तमान छात्रों को प्रेरणादायक उद्बोधन दिया गया। होस्टल के प्रथम विद्यार्थी इंद्रजीत सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा- विद्यार्थी जीवन में नशाखोरी और प्रेम प्रसंग से बचना चाहिए। सफलता प्राप्त करने के लिए उक्त दोनों बातें बाधक है। हमें मां-बाप के संघर्ष को देखकर आगे बढ़ना होगा। कार्यक्रम के बीच में छात्रों द्वारा आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर वर्ष 1962 से 2024 के पूर्व छात्र उपस्थित रहे। संचालन राकेश देवडे़ बिरसावादी तथा रामलाल बघेल, और बाबूलाल बघेल, संदीप सिसौदिया द्वारा किया गया। आभार कर्नल मंडलोई के द्वारा व्यक्त किया गया।


