प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में पीजी करने के बाद एसआर शिप नहीं करने वाले 400 से अधिक डॉक्टरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सरकार इनसे 10-10 लाख रुपए की रिकवरी करने की तैयारी में है। इन पीजी स्टूडेंट्स ने बॉन्ड के तहत नियमों की पालना नहीं की। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इन डॉक्टरों काे सूचीबद्ध किया है। गौरतलब है कि साल 2021 बैच को एसआरशिप दी गई थी। इन्हें स्पेशलिटी में मेरिट कम चॉइस के आधार पर पीजी सीट मिली थी। इसके बावजूद 40 फीसदी से अधिक पीजी स्टूडेंट्स ने जॉइन नहीं किया। यहां तक कि बॉन्ड के 10 लाख रुपए भी नहीं जमा कराए। विभाग ने सभी स्टूडेंट्स को कार्रवाई की चेतावनी दी है। डॉक्टरों के खिलाफ पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इनमें जयपुर के अलावा जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट भी शामिल हैं। नियम – सरकारी कॉलेज से पीजी करने पर उसे संबद्ध अस्पताल में दो साल एसआर शिप जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल से संबंधित कॉलेज को 10 लाख रुपए जमा कराने होते हैं। ये पीजी स्टूडेंट्स ने एसआर शिप भी पूरी कर गए और सभी दस्तावेज भी ले गए।


